ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान जा सकते हैं। वह अभी ओमान में हैं और वहां से लौटने के बाद उनके इस्लामाबाद जाने की संभावना है। इसके बाद वह रूस की यात्रा करेंगे। अराघची ने हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की थी। इस दौरान ईरान ने आठ हफ्तों से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक नया फॉर्मूला पेश किया है।
ईरानी मंत्री ने कहा कि उन्होंने शांति का रास्ता बता दिया है, लेकिन उन्हें अमेरिका की नीयत पर शक है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के लिए अपनी मांगों की एक आधिकारिक सूची भी सौंपी है। अराघची ओमान के रास्ते अमेरिका के साथ संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। अपनी रूस यात्रा के दौरान वह मॉस्को को इस्लामाबाद वार्ता की प्रगति के बारे में जानकारी देंगे।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खास दूतों जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ का पाकिस्तान दौरा अचानक रद्द कर दिया है। ये दोनों अधिकारी ईरान के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे। ट्रंप ने इसके पीछे लंबी यात्रा, भारी खर्च और ईरान की ओर से बड़े नेताओं की कमी को वजह बताया। ट्रंप ने कहा कि वह फिजूलखर्ची पसंद नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने अधिकारियों को 18 घंटे की लंबी यात्रा पर सिर्फ उन लोगों से मिलने नहीं भेजेंगे जिन्हें कोई नहीं जानता।
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ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका के पास बातचीत के लिए मजबूत स्थिति है। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही उन्होंने दौरा रद्द किया, उसके 10 मिनट के भीतर ईरान ने एक नया और बेहतर प्रस्ताव भेज दिया। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। जब उनसे युद्धविराम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में कुछ नहीं सोचा है।
पाकिस्तान इस विवाद में मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसे लगातार झटके लग रहे हैं। इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी नेताओं के बीच इस्लामाबाद में हुई 20 घंटे की बातचीत भी बेनतीजा रही थी।
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