लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर अब यात्रियों को टोल नहीं देना पड़ेगा। घटिया सड़क निर्माण के चलते मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। इसके पूरा होने तक टोल फ्री रहेगा। इतना ही नहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को हटा दिया गया है तथा पूर्व परियोजना निदेशक साैरभ चाैरसिया को चार्जशीट दी गई है। निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को अयोग्य घोषित कर दिया गया। थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को डिबारमेंट नोटिस जारी किया गया है।

दरअसल, बीती 13 जुलाई को लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस का उद्घाटन हुआ। 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को बनाने पर नेशनल हाइवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई ने 42 साै करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का टोल 275 रुपये प्रति चार पहिया वाहन है।
जोकि देश में सबसे महंगा है। पिछले बीस दिनों में एक्सप्रेसवे पर पांच जगहों पर सड़क धंस चुकी है। इससे एनएचएआई के साथ-साथ सरकार की भी किरकिरी हो रही थी। इसे लेकर बुधवार को गोमतीनगर स्थित एनएचएआई की लखनऊ यूनिट में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गाैतम विशाल ने बताया कि प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को लापरवाही के चलते हटाया गया है।
उनकी जगह बरेली के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नवरतन को लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नकुल को मुख्यालय भेज दिया गया है। इसके अलावा एनएचएआई के पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को चार्जशीट दी गई है। इनके कार्यकाल के दौरान ही एक्सप्रेसवे का अधिकांश निर्माण कार्य हुआ था।
सड़क धंसने के मामले में इससे पूर्व निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार तथा रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटाया गया। उन्हें दो साल के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय(मोर्थ), एनएचएआई तथा नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड(एनएचआईडीसीएल) की किसी भी परियोजना में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

