अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समय) को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को अच्छा इंसान बताया। वहीं, उन्होंने सप्ताहांत में दुथ सोशल पोस्ट में संकेत दिया था कि उन्हें मेलोनी के खिलाफ निषेधाज्ञा की आवश्यकता है। यह जानकारी सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?
तुर्की के अंकारा में राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि हालिया मतभेदों के बावजूद उन्होंने और मेलोनी ने सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे हैं। सीएनएन के अनुसार, ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह एक अच्छी इंसान हैं। वास्तव में, हमारा सप्ताह अच्छा रहा है। हमारे रिश्ते थोड़े खराब हो गए थे। क्योंकि उन्होंने फिर से हमारी मदद करने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने मेलोनी पर सहायता करने के लिए भारी दबाव नहीं डाला।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने क्या कहा?
वहीं, प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। ये टिप्पणियां ट्रंप और मेलोनी के बीच सार्वजनिक तौर पर हुई बहस के कुछ दिनों बाद आई हैं। दरअसल रविवार (स्थानीय समय) को ट्रंप ने टुथ सोशल पर इटली की प्रधानमंत्री के साथ एक तस्वीर साझा की, जिसके कैप्शन में लिखा था, ‘रोक लगाने का आदेश आवश्यक है।’
ट्रंप ने किस की आलोचना की?
ये ताजा तनाव तब पैदा हुआ जब ट्रंप ने नाटो सहयोगियों की आलोचना की। क्योंकि इटली ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य प्रयासों का समर्थन करने से इनकार कर दिया था। पिछले महीने टुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कुछ सहयोगियों पर दशकों से चली आ रही अमेरिकी सुरक्षा प्रतिबद्धताओं के बावजूद अमेरिका का साथ न देने का आरोप लगाया था।
ट्रंप ने मेलोनी के साथ तस्वीर पर क्या कहा था?
इस असहमति ने दोनों नेताओं के बीच संबंधों में एक बड़ा बदलाव ला दिया, जिन्होंने पहले सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे थे। इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि मेलोनी ने उनसे तस्वीर के लिए भीख मांगी थी, इस दावे को इटली प्रधानमंत्री ने खारिज करते हुए कहा था, न तो मैं और न ही इटली कभी भीख मांगते हैं।
हालिया वाकयुद्ध के बावजूद, इटली नाटो के भीतर अमेरिका का एक प्रमुख सहयोगी बना हुआ है। मेलोनी ने पहले भी इस बात पर जोर दिया है कि द्विपक्षीय संबंध सत्ता में बैठे नेताओं से परे होते हैं। उन्होंने कहा है, ‘ये रिश्ते इस बात पर शुरू या खत्म नहीं होते कि किसी विशेष क्षण में सत्ता में कौन है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘विदेश नीति इससे कहीं अधिक जटिल है।’

