विनिर्माण क्षेत्र को आधुनिक बनाने और सर्विस सेक्टर को आगे बढ़ाने जैसी सरकार की नीतियों के दम पर भारत 2025 में दो स्थान की छलांग लगाकर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पाने वाला दुनिया का 11वां सबसे बड़ा देश बन गया है। संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते साल देश में 38.89 अरब डॉलर का एफडीआई आया, जो 2024 के 27.09 अरब डॉलर से 44 फीसदी अधिक है। 2024 में एफडीआई पाने वाले देशों में 13वें स्थान पर था।


यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (अंकटाड) ने मंगलवार को जारी वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट-2026 में कहा, इस निवेश के दम पर भारत को वह स्थिति फिर पाने में मदद मिली है, जो दो साल पहले दुनिया के शीर्ष-10 देशों की सूची से बाहर होने से खो गई थी। भारत में यह तेजी विकासशील देशों में दिखे सुस्त रुझान के विपरीत है, जहां एफडीआई प्रवाह में सिर्फ दो फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। एशियाई विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में विदेशी निवेश तीन फीसदी बढ़ा है।

वैश्विक एफडीआई : 6 फीसदी बढ़ा
वैश्विक एफडीआई प्रवाह 2025 में 6 फीसदी बढ़कर 1.6 लाख करोड़ डॉलर पहुंच गया।
- शीर्ष-20 देशों में कुल वैश्विक एफडीआई का करीब 80 फीसदी विदेशी निवेश आया।
- विकसित अर्थव्यवस्थाओं में एफडीआई 11 फीसदी बढ़कर 723 अरब डॉलर पहुंचा। 901 अरब डॉलर का निवेश विकासशील देशों में आया।
ग्रीनफील्ड निवेश में गिरावट
अंकटाड ने कहा, भारत में कुल एफडीआई प्रवाह जरूर बढ़ा है, लेकिन प्रोजेक्ट-स्तर संकेतक बताते हैं कि निवेश के मामले में सावधानी भरा माहौल रहा। इससे घोषित ग्रीनफील्ड निवेश का मूल्य 2024 के 111.14 अरब डॉलर से घटकर 2025 में 74.12 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया।
- इस गिरावट के बावजूद, 2025 में दुनिया का सबसे बड़ा घोषित ग्रीनफील्ड निवेश प्रोजेक्ट भारत में आया। अमेरिकी कंपनी अल्फाबेट इंक ने भारत में एक डाटा सेंटर के लिए 14.5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की, जो वैश्विक सूची में सबसे ऊपर रहा।

भारतीय कंपनियों का विदेश में 47 फीसदी अधिक निवेश
भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश में 35.66 अरब डॉलर का निवेश किया। यह 2024 के 24.26 अरब डॉलर से 47 फीसदी अधिक है। इससे भारत एफडीआई के मामले में दुनिया की शीर्ष घरेलू अर्थव्यवस्थाओं की सूची में दो स्थान की छलांग लगाकर 18वें पायदान पर पहुंच गया।
भारतीय कंपनियों का विदेश में घोषित ग्रीनफील्ड निवेश मूल्य भी 41 फीसदी बढ़कर 25.29 अरब डॉलर पहुंच गया। राणा ग्रुप ने यूएई में 10 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है।
