Income Tax Return Filing 2026: अगर आने हाल-फिलहाल में अपनी कोई प्रॉपर्टी बेची है या वर्चुअल डिजिटल एसेट्स की ट्रेडिंग से पैसे कमाए हैं या बैंक FD से अच्छा ब्याज कमाया है, तो आपका TDS भी जरूर कटा होगा. अगर TDS कटा है, तो आपको अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भी फाइल करना होगा.
ITR के जरिए या तो आपको इनकम पर टैक्स की जानकारी देनी होगी या टैक्स रिफंड के लिए रिक्वेस्ट करनी होगी. इसे नजरअंदाज करने की गलती भूलकर भी न करें, नहीं तो टैक्स डिपार्टमेंट आपके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है.
क्यों TDS कटने के बाद ITR जरूरी?
कई लोग सोचते हैं कि TDS कटने के बाद टैक्स रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है. TDS सिर्फ एक अनुमानित टैक्स डिडक्शन है. आपकी वास्तविक टैक्स देनदारी आपके पूरे साल की कुल कमाई, निवेश और कटौती (जैसे कि 80C, 80D) को जोड़ने के बाद तय होती है.
अगर आपकी कुल आय 2.5 लाख रुपये से कम है, तो आप इस TDS कटौती की रकम को टैक्स रिफंड के तौर पर वापस पा सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको ITR फाइल करना होगा. अगर आपका टैक्स रिफंड बनता है, लेकिन आपने ITR फाइल नहीं किया है, तो इस बात की संभावना कम है कि टैक्स डिपार्टमेंट आपके खिलाफ कोई कार्रवाई करेगा, लेकिन फिर आपको अपना रिफंड नहीं मिल पाएगा.
इसके विपरीत, अगर आपकी सालाना आय आपके टैक्स रिजीम के अनुसार बेसिक छूट लिमिट से ज्यादा है, तो आपके लिए भी ITR फाइल करना अनिवार्य है, चाहे TDS कितना ही क्यों न कटा हो. अगर आप पर टैक्स बकाया है और आपने ITR फाइल नहीं किया है या टैक्स का भुगतान नहीं किया है, तो आयकर विभाग आपके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. आपके नाम नोटिस आ सकता है या कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.
ITR न भरने पर क्या होगा नुकसान?
- अगर आपने तय समय सीमा (31 जुलाई) तक अपना आईटीआर नहीं भरते हैं, तो बाद में आपको लेट फीस के साथ रिटर्न फाइल करना पड़ सकता है. अगर आपकी सालाना आय 5 लाख से कम है, तो 1000 रुपये की लेट फीस और अगर इस लिमिट से ज्यादा है, तो 5000 तक लेट फीस का भुगतान करना होगा.
- आगे चलकर दोगुना TDS कट सकता है. अगर आपने पिछले साल का ITR फाइल नहीं किया है और उसका टोटल TDS अमाउंट 50000 रुपये से अधिक था, तो अगली बार TDS दोगुने दर से कटेगा.
- अगर बिजनेस, शेयर बाजार या केपिटल गेन्स में आपको कोई घाटा हुआ है, तो समय पर ITR न भरने के कारण आप उस घाटे को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे. इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या किसी भी कैपिटल एसेट को बेचने पर हुए घाटे को अगले सालों के मुनाफे से एडजस्ट करने के लिए समय पर आईटीआर भरना जरूरी है.
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