Petrol-Diesel Price Today: देश में बीते शुक्रवार को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG की 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई. यह इस साल अब तक जितनी भी कीमतें बढ़ाई गई हैं, उनमें सबसे ज्यादा है. कीमतों में यह इजाफा एक ऐसे समय में किया गया, जब गुरुवार सुबह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें चार साल के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जो 126 डॉलर प्रति बैरल से भी अधिक थीं. इससे लोग अंदाजा लगा रहे थे कि अब ईंधन की कीमतें बढ़ने वाली हैं.
बीते हफ्ते सोशल मीडिया पर कई फर्जी नोटिस सर्कुलेट होते रहे और विपक्षी नेताओं ने भी जोर देकर कहा कि कई राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी. हालांकि, हाल के हफ्तों में तेल विपणन कंपनियों को भारी नुकसान होने के बावजूद पिछले साल मार्च में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती के बाद से ईंधन की कीमतें अभी भी स्थिर बनी हुई हैं. मार्च में 60 रुपये की बढ़ोतरी के बाद घरेलू LPG की दरें भी अपरिवर्तित रखी गईं और पेट्रोल व डीजल की कीमतें भी नहीं बदली गईं.
क्यों नहीं बढ़ रहीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
इस बीच, Indian Express से बात करते हुए एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया, ”यह तो होना ही है। बस समय की बात है कि (पेट्रोल, डीजल और घरेलू LPG की) कीमतें बढ़ेंगी.” लेकिन पूरे भारत में विधानसभा चुनाव खत्म होने के लगभग एक हफ्ते बाद भी सरकार ने अभी तक ऐसा कोई बदलाव लागू नहीं किया है.
पिछले चार सालों से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें लगभग वैसी ही बनी हुई हैं और सरकार ने कई बार सफाई देते हुए कहा है कि कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है. यह सब तब हो रहा है जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से पिछले दो महीनों में कच्चे तेल की कीमतें 50 परसेंट से ज्यादा बढ़ गई हैं और कुछ हालिया अनुमानों के मुताबिक, रोजाना का नुकसान 2,400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
सरकारी तेल कंपनियां — Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation और Hindustan Petroleum Corporation — इस दौरान कई बड़े भू-राजनीतिक बदलावों और कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव का सामना कर चुकी हैं. रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला शुरू करने के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई थीं.
हालांकि, इस साल की शुरुआत में ये घटकर लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई थीं, लेकिन गुरुवार को ये 126 डॉलर के आंकड़े को पार कर गईं. कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई नरमी से कंपनियों का रेवेन्यू काफी ज्यादा बढ़ा था. वित्त वर्ष 2024 में ही तेल कंपनियों (OMCs) का कुल मुनाफा 86,000 करोड़ रुपये के चौंकाने वाले स्तर पर पहुंच गया था. यह शायद एक अहम वजह है जिसकी बदौलत तेल कंपनियां मौजूदा नुकसान को झेल पा रही हैं.
आज पेट्रोल-डीजल की कीमत
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 94.77 रुपये | 87.67 रुपये |
| मुंबई | 103.54 रुपये | 90.03 रुपये |
| कोलकाता | 105.45 रुपये | 92.02 रुपये |
| चेन्नई | 100.80 रुपये | 92.39 रुपये |
| बेंगलुरु | 102.92 रुपये | 90.99 रुपये |
| भुवनेश्वर | 101.10 रुपये | 92.69 रुपये |
| चंडीगढ़ | 94.30 रुपये | 82.45 रुपये |
| देहरादून | 93.17 रुपये | 88.01 रुपये |
| फतेहाबाद | 97.09 रुपये | 89.56 रुपये |
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