पन्ना जिले में सरकारी अनाज की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वेयरहाउस कॉरपोरेशन की कथित लापरवाही के चलते किसानों से खरीदा गया हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा-पड़ा खराब हो रहा है। जिले के बड़ागांव और लक्ष्मीपुर खरीदी केंद्रों में बारिश के बीच धान का उचित भंडारण नहीं किया गया, जिससे अनाज में नमी आ गई और कई जगहों पर धान के ढेरों से पौधे तक उग आए हैं। यह तस्वीरें सरकारी व्यवस्था की लापरवाही और अनाज संरक्षण के दावों की हकीकत बयां कर रही हैं।
सरकार किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदकर उसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों को सौंपती है, ताकि जरूरत पड़ने पर यही अनाज सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य योजनाओं के माध्यम से लोगों तक पहुंच सके। लेकिन पन्ना जिले के बड़ागांव और लक्ष्मीपुर खरीदी केंद्रों में हालात इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रहे हैं। यहां हजारों क्विंटल धान लंबे समय से खुले आसमान के नीचे पड़ा है। लगातार हो रही बारिश और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण धान खराब होने लगा है। कई ढेरों में नमी इतनी बढ़ गई कि उनमें पौधे तक उग आए हैं। यह स्थिति न केवल सरकारी लापरवाही की ओर इशारा करती है, बल्कि सरकारी खजाने को लाखों रुपये के संभावित नुकसान का संकेत भी देती है।
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