श्रमिकों के उपद्रव से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उद्यमी भयभीत हैं। सहमे उद्यमियों ने सरकार से असलहा लाइसेंस देने की मांग तक कर डाली है। उद्यमियों का कहना है कि माहौल सुरक्षित नहीं है। इस तरह की भीड़ कुछ भी कर सकती है। अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रखना जरूरी है। इस संबंध में लघु उद्योग भारती की जिला कार्यकारिणी ने प्रदेश के मुख्य सचिव के नाम पत्र लिखा है। जिसमें उपद्रव से नुकसान की भरपाई करने की भी मांग की हैं।

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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पथराव करते प्रदर्शनकारी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सभी ने अपने आप को असहाय महसूस किया
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार गुप्ता का कहना है कि श्रमिकों के उपद्रव ने जिले के उद्योगों में उत्पादन पर असर पड़ा है। संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुंचा है। इस घटना के बाद से उद्यमी, कंपनी मालिक काफी भयभीत हैं। उपद्रव के समय सभी ने अपने आप को असहाय महसूस किया। ऐसे में सभी को अपनी चिंता सता रही है। सरकार से मांग की है कि यहां काम करने वाले उद्यमियों और व्यापारियों को सुरक्षा के लिए असलहा लाइसेंस दिया जाएगा। ताकि आपात स्थिति में वो अपनी जान की रक्षा कर सकें।

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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस की बाइक को लगाई आग
– फोटो : पीटीआई
बड़ा नुकसान हुआ है सरकार करे भरपाई
उपद्रव से कंपनियों के साथ वाहन, मशीन और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हुआ है। बड़ा नुकसान हुआ है। सरकार को इसकी भरपाई करनी चाहिए। सरकार ने श्रमिकों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर उद्यमियों पर भार डाल दिया है। श्रमिकों का वेतन 3000 रुपये तक बढ़ाया गया है, लेकिन उद्यमियों पर 6 से 7 हजार रुपये तक का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसमें उद्यमियों को भी राहत दी जाएगी। पीएफ को कम कर 6 प्रतिशत किया जाएगा।

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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के दौरान पकड़ा गया प्रदर्शनकारी
– फोटो : एएनआई
10 सूत्रीय मांगों का पत्र भेजा
उद्यमियों ने अन्य मांगों के बारे में बताया कि श्रमिकों की जानकारी को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। इस तरह की घटना भविष्य में फिर कभी न हो सके। इसकी पूरी योजना तैयार की जाएगी। हर माह शिविर लगाने का अतिरिक्त भार डाला गया है। इसमें भी अतिरिक्त खर्च आएगा। इसमें सरकार 50 अस्पतालों की सूची तैयार करें और श्रमिकों की जांच की सुविधा कराएं। उन्होंने बताया कि कुल 10 सूत्रीय मांगों का पत्र मुख्य सचिव को भेजने के साथ डीएम और उद्योग विभाग को भी दिया गया है।

