पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजीरिया में पिछले एक हफ्ते के भीतर स्कूलों पर हुए सिलसिलेवार आतंकी हमलों ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इन हमलों में 80 से अधिक स्कूली बच्चे लापता हो गए हैं। स्थानीय अधिकारियों और एक मानवाधिकार समूह ने रविवार को इस बड़ी घटना की पुष्टि की है। नाइजीरिया लंबे समय से जिहादी और कई अन्य हथियारबंद सशस्त्र समूहों के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। अपहरण की यह ताजा घटना उसी कड़ी का एक नया और डरावना हिस्सा है।
आतंकवादियों ने बुधवार और गुरुवार के बीच पूर्वोत्तर नाइजीरिया के संघर्षग्रस्त बोर्नो राज्य में एक प्राथमिक विद्यालय पर अचानक धावा बोल दिया। इस दौरान आस्करा उबा और चिबोक इलाकों से आतंकियों ने 42 छोटे बच्चों का बेरहमी से अपहरण कर लिया। एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार यह हमला सांबीसा जंगल के पास मुसा गांव में हुआ। यह इलाका खूंखार आतंकी संगठन बोको हराम और उसके सहयोगी इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस का एक बड़ा गढ़ माना जाता है।
नाइजीरिया के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में क्या हुआ?
शुक्रवार को नाइजीरिया के दक्षिण-पश्चिमी ओयो राज्य में भी आतंक का खौफनाक मंजर देखने को मिला। एमनेस्टी इंटरनेशनल की नाइजीरियाई शाखा के अनुसार यहां महज कुछ ही घंटों के भीतर दो अलग-अलग माध्यमिक स्कूलों पर भीषण हमला किया गया। इन हमलों में कम से कम 40 स्कूली बच्चों का अपहरण कर लिया गया। ओयो राज्य के इस खास इलाके में बच्चों के अपहरण की ऐसी घटनाएं आमतौर पर बहुत ही दुर्लभ मानी जाती हैं। इस घटना ने वहां के स्थानीय लोगों में बहुत ज्यादा खौफ पैदा कर दिया है।
बच्चों के अपहरण से समाज पर क्या असर पड़ रहा है?
मानवाधिकार समूह एमनेस्टी ने रविवार को इस मामले पर एक बहुत ही गंभीर चेतावनी जारी की है। समूह का कहना है कि अपहरण के इस लगातार बढ़ते खतरे के कारण बहुत से बच्चे हमेशा के लिए स्कूल छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि कम उम्र की लड़कियों को क्लासरूम से बाहर निकाला जा रहा है। स्कूल पर होने वाले इन खतरनाक हमलों से अपनी बेटियों को बचाने के लिए परिवार वाले मजबूरी में उनकी कम उम्र में ही शादी करवा रहे हैं।
अपहृत बच्चों को बचाने के लिए सरकार क्या कर रही?
मुसा गांव के एक सरकारी अधिकारी पीटर वब्बा ने रविवार को बताया कि उन्हें ओयो राज्य में अपहृत बच्चों की सटीक संख्या 48 बताई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार हमें लगातार यह आश्वासन दे रही है कि वे इन मासूम बच्चों को सुरक्षित बचाने के लिए अपनी तरफ से हर संभव कोशिश कर रहे हैं लेकिन अब तक हम सिर्फ इंतजार ही कर रहे हैं। एमनेस्टी ने भी आरोप लगाया है कि अधिकारी इन घटनाओं की जांच करने और दोषियों को सजा दिलाने के अपने वादे कभी पूरे नहीं करते हैं।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपने बयान में आगे कहा कि पीड़ितों और उनके परिवारों को लगातार न्याय से वंचित रखा जा रहा है। दूसरी तरफ पुलिस के प्रवक्ता अयानलेड ओलायिंका ने शनिवार को बताया कि ओयो हमले के सिलसिले में अब तक तीन हथियारबंद हमलावरों को हिरासत में लिया गया है। यह खौफनाक हमला लागोस शहर से लगभग 220 किलोमीटर दूर ओरीरे इलाके में हुआ था। पुलिस इन पकड़े गए अपराधियों से लगातार पूछताछ कर रही है।
पुलिस अधिकारी ओलायिंका ने यह भी स्पष्ट किया कि पकड़े गए इन संदिग्ध हमलावरों की पहचान स्थानीय समुदाय के लोगों ने खुद की थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस की तरफ से अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि क्या वे इस घटना में शामिल अन्य फरार संदिग्धों की भी तलाश कर रहे हैं या नहीं। स्थानीय लोग जल्द से जल्द सभी बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं।


