पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार कर जम्मू लाए गए तीन नशा तस्कर पाकिस्तान लिंक वाला एक हाई-प्रोफाइल नार्को-टेरर मॉड्यूल चला रहे थे। जम्मू जिले में सप्लाई होने वाले कुल नशीले पदार्थों की 80 फीसदी आपूर्ति अकेले इसी मॉड्यूल द्वारा की जा रही थी। इन तस्करों की गिरफ्तारी को पाकिस्तान से रची जा रही देश विरोधी साजिशों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक माना जा रहा है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक एके-47 राइफल, एक पिस्टल, 11 कारतूस, डेढ़ किलो हेरोइन, 11 लाख रुपये कैश, मोबाइल फोन और लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। ये सभी आरोपी जम्मू-कश्मीर में नशे के मुख्य सरगना लाहू गुज्जर के नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी थे।
जम्मू जिले के तीन थानों की पुलिस ने पंजाब पुलिस के साथ एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर बुधवार को अमृतसर के ड्रीम सिटी स्थित एक फ्लैट में छापेमारी की थी। इस दौरान वहां से सूरजदीप सिंह उर्फ सूरज, हरप्रीत सिंह उर्फ राजू और जसप्रीत सिंह तीनों निवासी जिंदाला अमृतसर, पंजाब को गिरफ्तार किया गया।
इनकी गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह ने बुधवार को पुलिस लाइन में बताया कि नशा के सरगना लाहू गुज्जर से जुड़े मामलों की जांच में पंजाब से लिंक मिले थे। जांच में यह बात सामने आई थी कि चार आरोपी अपनी पहचान और नाम बदलकर जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में बड़े पैमाने पर नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहे हैं।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने तस्करों को चिह्नित किया और परिवार के करीब पहुंची। इसके बाद गंग्याल, नगरोटा, बिश्नाह, मीरां साहिब सहित अन्य पुलिस थानों में दर्ज एनडीपीएस के मामलों की जांच की और गिरफ्तारी व सर्च वारंट लिया। जांच में स्पष्ट हो गया कि इनके संबंध कुख्यात नशा तस्कर लाहू गुज्जर से हैं। पुख्ता सूचना के बाद पंजाब पुलिस से संपर्क किया और नगरोटा, बिश्नाह और मीरां साहिब पुलिस की विशेष टीम अमृतसर पहुंची और फिर गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी ने बताया कि सीमा पार से नशा व हथियार की खेप लाने वालों की पहचान की जा रही है। कुछ लोगों की पहचान हुई है।
डेढ़ साल से थे पुलिस के रडार पर
अमृतसर ड्रीम सिटी से गिरफ्तार तस्कर डेढ़ साल से जम्मू, सांबा और कठुआ में नशे की सप्लाई कर रहे थे। गंग्याल पुलिस ने कुछ समय पहले गिरफ्तार पंजाब निवासी मोहम्मद लतीफ उर्फ बच्चू, मजीदा और मुस्ताक से पूछताछ की तो पता चला कि उनके संपर्क सूरज और हरप्रीत से हैं और इनसे नशीले पदार्थ लेते थे।पुलिस को लगातार मिल रहे इनपुट और पूछताछ में हो रहे खुलासों के बाद इन तस्करों तक पहुंची। एसएसपी ने कहा कि ये तस्करों का रैकेट पाकिस्तान के समर्थन से चलता था। पहले युवाओं को नशे के दलदल में धकेलते हैं फिर उन्हें हथियार थमा देते हैं।
ऐसे काम करता था ये माड्यूल
एसएसपी ने बताया कि यह माॅड्यूल संगठित तरीके से काम करता था। पाकिस्तान से ड्रग्स और हथियारों की खेप पंजाब में मंगवाई जाती है। इसे पंजाब के अलग-अलग इलाकों में रखा जाता था। इसके बाद जम्मू, सांबा और कठुआ में सप्लाई करने वाले या तो खुद पंजाब जाकर लेते थे या फिर इन्होंने कूरियर रखे थे।इन्होंने जम्मू, सांबा और कठुआ के अलग-अलग इलाकों में अड्डे बनाए थे। नशे के हाॅटस्पाॅट इलाके में सबसे ज्यादा सप्लाई रहती है। इनमें बाड़ी ब्राह्मणा, बिश्नाह, बेलीचराना, राजीव नगर सहित अन्य इलाके शामिल हैं।


