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राजधानी भोपाल के चर्चित अब्दुल अयूब उर्फ प्यारे मियां द्वारा गोद लेने के बहाने कई नाबालिग बच्चियों के साथ किए गए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अभियोजन साक्ष्य पूरे हो गए हैं। पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए चालान और साक्ष्यों के आधार पर सभी गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अब सात अगस्त को मुख्य आरोपी प्यारे मियां के बयान दर्ज किए जाने की तिथि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित कोर्ट की विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत ने तय की है।
अभियोजन साक्ष्य समाप्त होने के बाद अदालत ने मुख्य आरोपी की बयान देने की तारीख तय की है। अब आरोपी पक्ष बचाव के लिए अपने साक्ष्य व तर्क 7 अगस्त को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके बाद बचाव पक्ष अपने साक्ष्य प्रस्तुत करेगा। अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
कोरोना काल में उजागर हुआ था मामला
जानकारी के अनुसार कोरोना के दौरान 10-11 जुलाई 2020 में शाहपुरा स्थित विष्णु हाईटेक सिटी के एक फ्लैट में पांच-छह नाबालिग लड़कियों के साथ प्यारे मियां द्वारा बंधक बनाकर दरिंदगी करने का मामला सामने आया था। नाबालिग लड़कियों के साथ दरिंदगी करने के बाद उन्हें डरा-धमकाकर इसी फ्लैट में रखा जाता था। एक दिन आरोपी ने नाबालिग लड़कियों को शराब पिलाकर दरिंदगी की और खुद नशे में होने के कारण गेट बंद नहीं कर सका। इसके बाद नाबालिग पीड़िताएं वहां से भागीं तो रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित केरवा डैम की तरफ पहुंच गईं। रात्रि गश्त में लगी पुलिस टीम ने बच्चियों को थाने ले जाकर पूछताछ की तो सामूहिक दुष्कर्म का खुलासा हो गया।

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पुलिस ने कोरोना के समय में प्यारे मियां को गिरफ्तार किया था।
– फोटो : अमर उजाला
नवासियां बताते हुए गोद लेने का किया दावा
इसके बाद प्यारे मियां को पता चला तो चह कुछ हाईप्रोफाइल लोगों के साथ रातीबड़ थाने पहुंचा और तर्क दिया कि ये लड़कियां उसकी नवासियां हैं। गरीब माता-पिता से लड़कियों को पढ़ाने और करियर बनाने के लिए उसने गोद ले रखा है और उनका पूरा खर्च उठा रहा है। हालांकि, पुलिस ने नाबालिग लड़कियों में से कुछ के माता-पिता को खोजकर उनके बयान दर्ज किए और सामूहिक दुष्कर्म तथा एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर प्यारे मियां को गिरफ्तार कर लिया।
मानव तस्करी के भी लगे आरोप
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि प्यारे मियां दैनिक अफकार नाम का अखबार संचालित करता है और उसकी आड़ में वह नेताओं-अधिकारियों से सांठगांठ का मोटी कमाई कर रहा है। कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी नाबालिग बच्चियों को गोद लेकर पढ़ाई कराने के बहाने प्यारे मियां अपने साथ ले गया और दरिंदगी का शिकार बनाने के बाद उन्हें मानव तस्करी कर बेच दिया। प्यारे मियां के मोबाइल में कई नाबालिग पीड़िताओं के अश्लील वीडियो मिले।

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प्यारे मियां का मैरिज गार्डन भी गिरा दिया गया था।
– फोटो : अमर उजाला
अश्लील वीडियो दिखाकर कराता था देह व्यापार
जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि प्यारे मियां नाबालिग लड़कियों को नशे की लत लगाकर उन्हें अपने हाईप्रोफाइल दोस्तों के सामने परोसता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था। इसके बाद भोपाल पुलिस ने मानव तस्करी और किशोर न्याय अधिनियम की धाराएं भी लगाईं। श्यामला हिल्स स्थित अंसल अपार्टमेंट में प्यारे मियां के फ्लैट में छापा मार कर कई दस्तावेज जब्त किए। मामला मीडिया की सुर्खियां बना तो सरकार भी जागी और दैनिक अफकार को सरकार से मिलने वाला विज्ञापन बंद करने के साथ प्रोफेसर कॉलोनी में अखबार के नाम से आवंटित शासकीय आवास भी खाली करा लिया गया। इतना ही नहीं पुराने शहर में प्यारे मियां द्वारा संचालित अफकार मैरिज गार्डन भी अवैध था, जिसे भी नगर निगम और जिला प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। कई पीड़िताओं के परिजनों को पैसे देकर प्यारे मियां बयान भी बदलवा चुका है।
कश्मीर, गोवा और सिंगापुर में भी किया दुष्कर्म
जांच में नाबालिगों ने अपने बयान में खुलासा किया था कि आरोपी प्यारे मियां घुमाने के बहाने कश्मीर और गोवा सहित देश के कई अलग-अलग शहरों में ले अलग-अलग नाबालिग लड़कियों को ले जाता था और उनके साथ दरिंदगी करता था। इसके अलावा उसके साथ जाने वाले हाईप्रोफाइल लोगों से भी वह दरिंदगी कराता था। आरोपी अपना इलाज कराने सिंगापुर भी एक नाबालिग को लेकर कई बार गया था और उसके साथ सिंगापुर में भी दुष्कर्म किया था। हालांकि, नाबालिग लड़कियां किसी का नाम नहीं बता पाईं, जो उनके साथ दरिंदगी करते थे, इसलिए प्यारे मियां की दरिंदगी के साथी जेल जाने से बच गए थे।


