Microsoft Layoff: टेक जगत में अचानक से उस वक्त हड़कंप मच गया जब दिग्गज कंपनी Microsoft ने यहां के कई कर्मचारियों को अचानक से नौकरी से निकाल दिया. इस खबर से ना केवल टेक जगत बल्कि यहां नौकरी का सपना देखने वाले युवा भी सख्ते में आ गए हैं. हाल ही में आई खबर के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट ने अपने करीब 4,800 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला किया है. ये फैसला कंपनी ने क्यों लिया, इस बारे में कंपनी की हेड HR ने खुद बताया है.
माइक्रोसॉफ्ट ने निकले 4800 कर्मचारी
दरअसल दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कुल कर्मचारियों में लगभग 2.1% कर्मचारियों को हाल ही में निकाल दिया. जिसमें करीब 4800 कर्मचारियों का नाम शामिल है. कंपनी ऐसे समय में ये फैसला किया, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है और खर्च कम करने की कोशिश की जा रही है.
हेड HR ने बताई वजह
इस खबर के बारे में कंपनी की हेड HR एमी कोलमेन ने खुद बताया है. उन्होंने कर्मचारियों को भेजे एक मेमो में इस छंटनी की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ये फैसला सिर्फ खर्च कम करने के लिए नहीं, बल्कि कंपनी के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव का हिस्सा है.
एमी कोलमैन ने मेमो में लिखा, ‘आज हम अपने वैश्विक कर्मचारियों की संख्या का करीब 2.1%, यानी लगभग 4,800 पद खत्म कर रहे हैं. हमारा मकसद अपने कर्मचारियों, निवेश और संसाधनों को उन प्राथमिकताओं पर केंद्रित करना है, जिनकी मदद से Microsoft तेजी से बदलती टेक इंडस्ट्री में अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देता रहे.’
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कंपनी के शेयरों में भी आई गिरावट
इस साल माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में भी बड़ी गिरावट आई है. साल 2026 के पहले छह महीनों में कंपनी का शेयर करीब 23% तक गिर गया, जो 2022 के बाद सबसे खराब प्रदर्शन है. इससे पहले कंपनी ने अमेरिका में अपने करीब 9,000 कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Buyout) का प्रस्ताव भी दिया था.
इस साल हुई बड़ी छंटनी
बता दें कि सिर्फ माइक्रोसॉफ्ट ही नहीं बल्कि बल्कि अमेजॉन और मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी इस साल हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं. AI पर बढ़ते खर्च के कारण कंपनियों पर मुनाफा बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है.

