तृणमूल कांग्रेस, आप और शिवसेना यूबीटी में टूट के बाद मानसून सत्र के पहले विपक्षी एकता को एक और बड़ा झटका लगने वाला है। पार्टी में सांसदों-विधायकों के बगावती सुर के बीच एनसीपी (शरद) न सिर्फ परिसीमन व महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन कर सकती है, बल्कि सत्र से पहले राजग में शामिल होने का फैसला भी कर सकती है।

सीएम फडणवीस से मिले जयंत पाटिल
एनसीपी (एसपी) के नए रुख ने मानसून सत्र में संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए दो तिहाई समर्थन जुटाने में लगी सरकार को नई ऊर्जा दी है। गौरतलब है कि छह सांसदों और आधे से अधिक विधायकों के बगावती सुर के बीच शरद पवार की शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से मुलाकात की काफी चर्चा हुई थी। इस बीच मंगलवार देर रात पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल भी सीएम देवेंद्र फडणवीस से गुपचुप मिले। इसी दौरान दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के साथ एकनाथ शिंदे और शिवसेना यूबीटी गुट के बागी सांसदों की मैराथन बैठक हुई थी।
पवार का समर्थन तय
भाजपा सूत्रों के मुताबिक फडणवीस और जयंत पाटिल की मुलाकात में एक बात तो तय हो गई है कि एनसीपी (एसपी) महिला आरक्षण-परिसीमन से जुड़े विधेयक के पक्ष में मतदान करेगी, जहां तक बागी सांसदों-विधायकों की बात है तो इस पर बातचीत जारी है। दूसरी ओर शरद पवार के करीबियों का कहना है कि उन्होंने पार्टी में बगावत की आग ठंडी करने और पार्टी को टूट से बचाने के लिए राजग का समर्थन करने का मन बनाया है।
50 फीसदी लोकसभा सीटें बढें तभी करेंगे समर्थन : सुले
शरद पवार की बेटी और एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी बुधवार को एनडीए सरकार को समर्थन देने का संकेत दिया। हालांकि, उन्होंने शर्त रखी कि अगर, हर राज्य में लोकसभा की 50 प्रतिशत सीटें बढ़ती हैं तभी वे परिसीमन बिल का समर्थन कर सकती हैं। उन्होंने कहा, परिसीमन बिल पर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है। इसलिए पार्टी का रुख तय नहीं हुआ है। यदि विधेयक में 50 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया जाता है तो हम समर्थन कर सकते हैं।
