
ईरान और यूएस के बीच जब से युद्ध शुरू हुआ है, तभी से गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है. इस समय भी होर्मुज से गैस की आवाजाही प्रभावित है. इसी से बचने के लिए भारत की तेल एजेंसियों ने नया तरीका निकाला है. इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन (IOC) ने LPG का घरेलू उत्पादन करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है. कंपनी की रिफाइनरियां भी अपनी क्षमता से ज्यादा लेवल पर चलाई जा रही हैं.
घरेलू LPG का उत्पादन बढ़ा
दरअसल, भारत अपनी LPG की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. लेकिन फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही प्रभावित हो रही है. ऐसे में विदेशी सप्लाई में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है. इस चुनौती से निपटने के लिए IOC ने अपनी रिफाइनरियों में LPG प्रोडक्शन बढ़ाने पर जोर दिया है.
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कंपनी के चेयरमैन के मुताबिक, प्रोडक्शन में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही रिफाइनरियों को 100 प्रतिशत से ज्यादा क्षमता पर चलाया जा रहा है, ताकि देश में ईंधन की उपलब्धता बनी रहे. मार्च में सरकार ने भी रिफाइनरियों को LPG प्रोडक्शन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे. इसके बाद रोजाना घरेलू LPG प्रोडक्शन करीब 35 हजार टन से बढ़ाकर 54 हडार टन तक किया गया था.
दूसरे देशों से भी बढ़ी सप्लाई
भारत ने LPG की कमी से बचने के लिए आयात के स्रोतों में भी बदलाव किया है. तेल कंपनियां खाड़ी देशों के अलावा दूसरे देशों से भी सप्लाई हासिल करने की कोशिश कर रही हैं. भारत ने अमेरिका से भी सालाना करीब 22 लाख टन LPG आयात का समझौता किया है.
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रिफाइनिंग भी हुई तेज
IOC ने सिर्फ LPG प्रोडक्शन ही नहीं बढ़ाया, बल्कि अपनी रिफाइनरियों को भी ऊंची क्षमता पर चलाया है. कंपनी का लक्ष्य घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और LPG समेत जरूरी ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है. कंपनी का ये कदम ऐसे समय में आया है, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी तनाव के कारण दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई पर दबाव बना हुआ है. ये रास्ता वैश्विक तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

