जम्मू-कश्मीर में पंच, सरपंच, बीडीसी और डीडीसी के चुनाव एक साथ होंगे। चुनाव आयोग इसकी तैयारी कर रहा है। प्रदेश चुनाव आयुक्त शांतमनु ने कहा कि ये चुनाव एक साथ करवाने के लिए 70 हजार बैलेट बॉक्स की जरूरत है। 30 हजार प्रदेश में उपलब्ध हैं। 40 हजार की खरीद या उन्हें किराये पर लेने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण पर फैसला गृह मंत्रालय व प्रदेश सरकार को लेना है।
शांतमनु ने अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में बताया कि सभी चुनाव अलग-अलग होने से इनका कार्यकाल एक साथ खत्म नहीं होगा। प्रदेश की पंचायतों में त्रिस्तरीय प्रणाली पूरी तरह से भंग है। आयोग ने सिफारिश की है कि इन सभी का कार्यकाल एक साथ शुरू किया जाए।
उन्होंने बताया कि ओबीसी आरक्षण पर फैसले के बाद ही पंचायत चुनाव होंगे। प्रदेश में 50 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है। इसमें महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति और सामान्य वर्ग का आरक्षण तय हो चुका है। ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट पर सरकार की मुहर लगने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। ओबीसी आरक्षण न सिर्फ पंचायत चुनाव बल्कि नगर निकाय चुनाव में भी काम आएगा। ओबीसी आरक्षण का फैसला गृह मंत्रालय और प्रदेश सरकार के माध्यम से होना है।
आयुक्त शांतमनु ने बताया कि चुनाव के लिए आवश्यक खरीद पर लगातार बैठकें हो रही हैं। इसमें बैलेट बॉक्स की खरीद के अलावा स्याही, स्टेशनरी और मतदान केंद्र का रखरखाव भी शामिल है। आयोग ने खरीद समिति का गठन किया है। इसके तहत आ रही सिफारिशों को अमल में लाया जा रहा है। खरीद शुरू करने से पहले ओबीसी आरक्षण और सरकार के चुनाव संबंधित फैसले का भी इंतजार रहेगा।
कब-कब पूरा हुआ कार्यकाल
- पंचायत… जनवरी 2024
- बीडीसी… अक्तूबर 2024
- डीडीसी… फरवरी 2026


