लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Nasa:भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन पहली बार अंतरिक्ष के लिए रवाना, आठ महीने तक Iss पर करेंगे रिसर्च – Nasa: Indian-origin Astronaut Anil Menon Sets Off For Space For First Time; Will Research On Iss For 8 Months

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने मंगलवार को पहली बार अंतरिक्ष की उड़ान भरते हुए इतिहास रच दिया। वह रूस के सोयुज एमएस-29 (Soyuz MS-29) अंतरिक्ष यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना हुए। उनके साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना भी इस मिशन का हिस्सा हैं। यह प्रक्षेपण कजाकिस्तान के ऐतिहासिक बाइकोनूर कॉसमोड्रोम से भारतीय समयानुसार मंगलवार रात 8:17 बजे किया गया। सोयुज अंतरिक्ष यान के उड़ान भरने के करीब तीन घंटे बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ने (डॉक) की उम्मीद है।

आठ महीने तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहेंगे

नासा के अनुसार, अनिल मेनन और उनके दोनों साथी अंतरिक्ष यात्री करीब आठ महीने तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहेंगे। इस दौरान वे कई वैज्ञानिक प्रयोग और नई तकनीकों का परीक्षण करेंगे। मिशन पूरा होने के बाद उनकी पृथ्वी पर वापसी वर्ष 2027 में होगी।

यह भी पढ़ें- Ukraine War: ‘PM मोदी की बात सुनते हैं पुतिन, युद्ध रुकवा सकता है भारत’, पोलैंड के अधिकारी का बड़ा बयान

मानव शरीर पर अंतरिक्ष के प्रभाव का करेंगे अध्ययन

इस मिशन के दौरान अनिल मेनन ऐसे कई महत्वपूर्ण प्रयोगों में हिस्सा लेंगे, जिनका उद्देश्य यह समझना है कि लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने से मानव शरीर पर क्या असर पड़ता है।

वैज्ञानिक विशेष रूप से इन बातों का अध्ययन करेंगे-


  • माइक्रोग्रैविटी (गुरुत्वाकर्षण रहित वातावरण) में शरीर में रक्त का प्रवाह कैसे बदलता है।

  • नसों की संरचना में क्या बदलाव आते हैं।

  • खून की संरचना और उसके विभिन्न तत्वों पर अंतरिक्ष का क्या प्रभाव पड़ता है।

  • अंतरिक्ष में दवा बनाने की नई तकनीक का होगा परीक्षण

अनिल मेनन उस तकनीक के परीक्षण में भी शामिल होंगे, जिसमें अंतरिक्ष स्टेशन के पीने के पानी से इंट्रावेनस (आईवी) फ्लूड यानी नसों के जरिए चढ़ाई जाने वाली दवा तैयार करने की संभावना पर काम किया जाएगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह तकनीक सफल होती है तो भविष्य में चंद्रमा और मंगल ग्रह जैसे लंबे अंतरिक्ष अभियानों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में यह बड़ी मदद साबित होगी।

एआई और ऑगमेंटेड रियलिटी का भी होगा इस्तेमाल

नासा के मुताबिक, मिशन के दौरान अनिल मेनन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) आधारित अल्ट्रासाउंड तकनीक का भी परीक्षण करेंगे। इसका उद्देश्य ऐसी चिकित्सा प्रणाली विकसित करना है, जिससे भविष्य में दूर अंतरिक्ष अभियानों पर मौजूद अंतरिक्ष यात्री सीमित संसाधनों में भी बेहतर इलाज और स्वास्थ्य जांच कर सकें।

यह भी पढ़ें- West Asia Conflict: ट्रंप को कौन सा संदेश देना चाह रहे पुतिन, रूस की मदद से कितना बदलेगा संघर्ष?

भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए अहम मिशन

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मिशन से मिलने वाले आंकड़े और तकनीकी अनुभव भविष्य में चंद्रमा और मंगल ग्रह पर मानव मिशनों की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अनिल मेनन द्वारा किए जाने वाले प्रयोग अंतरिक्ष चिकित्सा और लंबी अवधि के मानव अंतरिक्ष अभियानों को अधिक सुरक्षित और सफल बनाने में मदद करेंगे।



Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

गोरखपुर में सीएम योगी बोले:व्यापारी-बेटी की सुरक्षा पर संकट खड़ा किया, तो जेल और जहन्नुम का रास्ता खुला है – Cm Yogi Says Strict Action Will Be Taken Against Those Who Threaten Safety Of Traders And Daughters

एच1एन1 वायरस:स्वाइन फ्लू से होने वाली निमोनिया की क्या पहचान है? ये एक्टर भी हो गया संक्रमण का शिकार – Bollywood Actor Emraan Hashmi Tested Positive For Swine Flu How H1n1 Can Lead To Pneumonia

Khabaron Ke Khiladi:जनगणना की प्रश्नावली पर मचा बवाल, विश्लेषकों ने बताया जाति पर किसकी कैसी सियासत – Khabaron Ke Khiladi Census Questionnaire Controversy Caste Enumeration Expert Analyse Politics News And Update

यूपी:बढ़ते एच-1एन-1 और सीजनल फ्लू के मामलों पर सरकार अलर्ट, डिप्टी सीएम ने की समीक्षा; बोले- घबराने की जरूरत – Up: Government Alert On Rising H-1n-1 And Seasonal Flu Cases, Deputy Cm Reviews; Said- Need To Panic

सोनिया गांधी की किताब:सत्ता, शब्द और ‘किताबी विद्रोह’ का इतिहास – Sonia Gandhi’s Book: A History Of Power, Words, And ‘literary Rebellion’

पैकेटबंद खाने पर नजर:चीनी, नमक और ज्यादा फैट वाले सामान पर देना होगा लाल निशान, एफएसएसएआई ने ऐसा क्यों कहा? – Focus On Packaged Food Red Marks Required Products High Sugar, Salt, And Fat Why Did The Fssai Mandate This?

Leave a Comment