बंगाल के चुनाव नतीजे आने के बाद भी ये राज्य सुर्खियों में बना हुआ है। राज्य के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के एक्शन लगातार चर्चा में हैं। वहीं, दूसरी ओर ममता बनर्जी की पार्टी में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। हर कोई हार के अपने-अपने कारण गिना रहा है। कई सांसदों के पार्टी छोड़ने तक की चर्चा है। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार राम कृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, पीयूष पंत, मिहिर रंजन और अवधेश कुमार मौजूद रहे।
राम कृपाल सिंह: सीधी एक बात होती है कि आप नैतिकता के बजाय सीधे सिस्टम एक्शन, सिस्टम की बात कीजिए और उसको फुल प्रूफ बनाइए। हो सकता है कि ना बने, मैं हमेशा किसी चीज में 100% अचीवमेंट हो जाएगा ये नहीं मानता। बेसिकली जो लीडरशिप होती है, उसे अपने दिमाग में बिल्कुल क्लियर होना चाहिए और मैसेज जो उसका होता है वो डाउन द लाइन जाना चाहिए। ममता बनर्जी जो कभी इसी पार्लियामेंट में… सोमनाथ चटर्जी के ऊपर जो पेपर फाड़ के फेंका था उसमें यही था घुसपैठियों को बंगाल से निकालो। उनका एजेंडा खत्म हो गया। यह शुभेंदु अधिकारी का पहले से एजेंडा है कि हम निकालेंगे। मेरा वही कहना है कि फर्क डाउन द लाइन वही जाएगा जो आप तय करते हैं।