झारखंड में छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। आज विधानसभा घेराव की योजना है। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। राजधानी के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। इसी बीच रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच गेस्ट हाउस में कई दौर की वार्ता भी हुई। बैठक में कुछ मांगों पर सहमति बनने के बावजूद कंबाइंड ग्रैजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग पर सहमति नहीं बन सकी। वार्ता बेनतीजा रही और छात्रों ने आज का विधानसभा घेराव का कार्यक्रम जारी रखने का एलान किया।


12 जगहों पर कंटीले तारों से बैरिकेडिंग
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। छात्रों के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए रांची पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर करीब 12 स्थानों पर कंटीले तारों से बैरिकेडिंग की गई है। इन बैरिकेडिंग में नुकीले स्टील के तार लगाए गए हैं, जिन्हें पार करना मुश्किल है। ऐसे में इन्हें पार करने की कोशिश करने पर प्रदर्शनकारियों के घायल होने की आशंका भी बनी हुई है।
विधानसभा घेराव के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से विरोध
इसके अलावा शहर में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने छात्रों से अपील की है कि वे विधानसभा घेराव के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों को भी निर्देश दिया है कि छात्रों के साथ अनावश्यक सख्ती या जबरदस्ती न की जाए और स्थिति को बातचीत के जरिए नियंत्रित करने का प्रयास किया जाए।
आंदोलन के आगे के स्वरूप को लेकर प्रशासन सतर्क
इधर, विधानसभा घेराव को लेकर छात्रों के रांची पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र राजधानी पहुंच चुके हैं, जबकि कई और छात्रों के सोमवार सुबह रांची पहुंचने की संभावना है। आंदोलन को देखते हुए कुछ जिलों में जिला प्रशासन की ओर से बस संचालकों को सोमवार को रांची के लिए बसों का परिचालन नहीं करने का निर्देश दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इससे राजधानी में छात्रों की भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। अब सभी की नजर सोमवार को होने वाले विधानसभा घेराव पर है। छात्रों और सरकार के बीच वार्ता विफल होने के बाद आंदोलन के आगे के स्वरूप को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है।
