प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए साल 2026 का अगस्त महीना एक अविस्मरणीय और अद्भुत अनुभव लेकर आ रहा है। 12 और 13 अगस्त की मध्यरात्रि को अंतरिक्ष में एक ऐसी अनोखी घटना घटने जा रही है जो इंसानी आंखों को चौंधिया देगी। इस रात दुनिया का सबसे प्रसिद्ध और भव्य पर्सीड उल्का पात अपने चरम पर होगा।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज), नैनीताल के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान आसमान से प्रति घंटे 60 से लेकर 100 तक उल्का गिरते हुए दिखाई देंगे जो अंधेरे आकाश में रोशनी की खूबसूरत और लंबी लकीरें खींचेंगे। इस वर्ष की यह खगोलीय घटना पिछले कई दशकों की तुलना में कहीं अधिक अनोखी और साफ होने वाली है।
किसी गहरे काले कैनवास की तरह नजर आएगा आसमान
इस खगोलीय घटना का सबसे बड़ा कारण यह है कि अंतरिक्ष में इन दिनों अमावस्या का पूर्ण सन्नाटा रहेगा। चांद की रोशनी न होने के कारण पूरा आसमान एक गहरे काले कैनवास की तरह नजर आएगा।
अंधेरे की वजह से छोटे और बेहद कम चमक वाले उल्का भी किसी आतिशबाजी की तरह साफ तौर पर चमकते हुए दिखाई देंगे। इस आसमानी शो का असली रोमांच 12 अगस्त की आधी रात के बाद शुरू होगा।

