पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है। जांच एजेंसी ने सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और जब्त हथियार को अहम साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है। मामले में आरोपी कमल सिंह जम्वाल इस समय जिला जेल अंबफला में बंद है।
चार्जशीट में दावा किया गया है कि आरोपी लोडेड रिवॉल्वर लेकर शादी समारोह में पहुंचा था और डॉ. फारूक अब्दुल्ला को निशाना बनाने के इरादे से मौके का इंतजार कर रहा था। घटना पूर्व नियोजित थी और आरोपी पहले से तैयारी कर समारोह में पहुंचा था।
चालान में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी डॉ. फारूक अब्दुल्ला के प्रति नाराजगी रखता था और कश्मीरी प्रवासियों तथा उनकी संपत्तियों से जुड़े मुद्दों को लेकर उन्हें जिम्मेदार मानता था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में अंतिम रिपोर्ट पेश कर दी है। अब मामले में अदालत में आगे की सुनवाई होगी।
मामला 11 मार्च, 2026 को एक शादी समारोह में डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग करने का है। जांच के अनुसार मौके पर सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को पकड़कर उससे हथियार छीन लिया था। घटना के बाद गंग्याल थाने में मामला दर्ज हुआ था। बाद में जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी गई।
जांच के दौरान पुलिस ने हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन, सीसीटीवी और डीवीआर सामग्री समेत अन्य सामान जब्त किया। जांच एजेंसी के अनुसार जब्त सामग्री को बैलिस्टिक, हैंडराइटिंग और इलेक्ट्रॉनिक जांच के लिए फोरेंसिक प्रयोगशालाओं में भेजा गया था। चालान में सीएफएसएल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है।


