रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में बुधवार का दिन बेहद खौफनाक रहा। एक तरफ मॉस्को में शांति की चर्चाएं हो रही हैं, तो दूसरी तरफ रूस ने यूक्रेन पर करीब 800 ड्रोन्स से हमला बोल दिया। इस भीषण हमले में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इसे युद्ध के सबसे बड़े हमलों में से एक बताया है।

हवाई रक्षा प्रणाली को ठप करने की रूसी साजिश
यह हमला बुधवार सुबह शुरू हुआ जो कई घंटों तक जारी रहा। रूसी ड्रोन ने राजधानी कीव समेत पश्चिमी शहर ल्वीव और ओडेसा बंदरगाह को निशाना बनाया। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस का स्पष्ट लक्ष्य यूक्रेन की एयर डिफेंस प्रणाली को खत्म करना है। उन्होंने दावा किया कि ड्रोन हमलों के बाद अब रूस क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला कर सकता है।
शांति के दावों और हकीकत में बड़ा अंतर
हैरानी की बात यह है कि यह हमला तब हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन युद्ध खत्म होने के संकेत दे रहे हैं। ट्रंप ने चीन रवाना होने से पहले कहा था कि यूक्रेन युद्ध का अंत बहुत करीब है। वहीं, पुतिन ने भी पिछले सप्ताहांत अपने भाषण में आक्रमण खत्म होने की संभावना जताई थी। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है।
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रूस के भीतर भी यूक्रेन ने किया पलटवार
युद्ध की स्थिति अब बदल रही है। यूक्रेन अब केवल बचाव नहीं कर रहा, बल्कि रूस के भीतर तक हमले कर रहा है। बुधवार को ही यूक्रेन ने रूसी सीमा के अंदर ड्रोन हमले किए। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने क्रीमिया और आजोव सागर के ऊपर यूक्रेन के 286 ड्रोन्स को मार गिराया। ‘इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर’ की रिपोर्ट बताती है कि रूस का वसंत अभियान विफल हो रहा है और उसे भारी जनहानि उठानी पड़ रही है।
दुनिया का ध्यान भटकने से रूस को मिल रहा मौका
जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह किया है कि यूक्रेन को अकेला न छोड़ें। उन्होंने कहा कि जब भी यूक्रेन की खबर सुर्खियों से गायब होती है, रूस और भी ज्यादा हिंसक हो जाता है। वर्तमान में दुनिया का ध्यान ईरान युद्ध पर केंद्रित है, जिसका फायदा रूस उठा रहा है। उन्होंने रोमानिया में नाटो देशों से अपील की कि रूस पर प्रतिबंधों और कूटनीतिक दबाव को और तेज किया जाए।
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