इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सिर्फ चौकों-छक्कों का टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि यहां निरंतर प्रदर्शन ही किसी खिलाड़ी को महान बनाता है. हर सीजन में कई बल्लेबाज धमाकेदार शुरुआत करते हैं, लेकिन लंबे समय तक लगातार रन बनाना सबसे बड़ी चुनौती माना जाता है. यही वजह है कि आईपीएल में बड़े रन माइलस्टोन तक सबसे तेज पहुंचने वाले खिलाड़ियों की सूची काफी खास बन जाती है. 1000 रन से लेकर 14000 रन तक के सफर में अलग-अलग भारतीय बल्लेबाजों ने अपनी छाप छोड़ी है. शुरुआती आंकड़ों में युवा खिलाड़ियों का जलवा दिखाई देता है, जबकि बड़े रिकॉर्ड्स पर अनुभवी खिलाड़ियों का कब्जा नजर आता है. खास तौर पर केएल राहुल और विराट कोहली ने इस सूची में अपना अलग ही स्थान बनाया है.
शुरुआती रिकॉर्ड्स में युवा बल्लेबाजों का जलवा
आईपीएल में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल हैं. उन्होंने केवल 25 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने शुरुआत से ही सभी का ध्यान खींच लिया था. इसके बाद बी साई सुदर्शन ने 54 पारियों में 2000 रन पूरे कर अपनी शानदार निरंतरता दिखाई. युवा बल्लेबाज के तौर पर उन्होंने बेहद कम समय में खुद को साबित किया.
तिलक वर्मा और ऋतुराज गायकवाड
तीन हजार रन तक सबसे तेज पहुंचने का रिकॉर्ड तिलक वर्मा के नाम है. मुंबई इंडियंस के इस बल्लेबाज ने 90 पारियों में यह आंकड़ा छुआ. वहीं, ऋतुराज गायकवाड़ ने 116 पारियों में 4000 रन पूरे कर दिखाया कि वह लंबे समय तक टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ बन सकते हैं.
केएल राहुल- 5000 से 8000
पांच हजार रन के बाद आईपीएल रिकॉर्ड्स की कहानी पूरी तरह केएल राहुल के नाम दिखाई देती है. राहुल ने 143 पारियों में 5000 रन पूरे किए और इसके बाद 6000, 7000 और 8000 रन तक सबसे तेज पहुंचने वाले भारतीय बल्लेबाज बने रहे. उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत निरंतरता और तेज रन गति रही है. राहुल ने हर सीजन में टीम के लिए अहम पारियां खेलीं और खुद को लीग के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल किया.
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विराट कोहली- 9000 रन
आईपीएल में 9000 रन के बाद सिर्फ एक ही नाम दिखाई देता है और वह है विराट कोहली. कोहली ने 271 पारियों में 9000 रन पूरे किए और इसके बाद 10000 से लेकर 14000 रन तक के सभी रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए. विराट की फिटनेस, अनुशासन और लगातार शानदार प्रदर्शन उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है. आईपीएल इतिहास में इतने लंबे समय तक एक जैसी बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता, लेकिन कोहली ने हर सीजन में खुद को साबित किया है.
आईपीएल में निरंतरता ही असली पहचान
टी20 क्रिकेट में विस्फोटक बल्लेबाजी अहम होती है, लेकिन कई सालों तक लगातार रन बनाना किसी भी खिलाड़ी की असली परीक्षा होती है. यही कारण है कि बड़े रन आंकड़ों की सूची में विराट कोहली और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों का दबदबा दिखाई देता है.

