हाल ही में बाजार और सोशल मीडिया में यह चर्चा जोरों पर रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जल्द ही देश में प्लास्टिक के नोट छापने जा रहा है। कुछ दावों के अनुसार रिजर्व बैंक की मुंबई और पटना में हुई बैठकों के दौरान इस पर चर्चा हुई है। लेकिन जब बात देश की मुद्रा (करेंसी) और अर्थव्यवस्था की हो, तो केवल अपुष्ट जानकारी पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
सच्चाई यह है कि आरबीआई ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में नोटों के सुरक्षा मानकों के आधुनिकीकरण की बात तो की है, पर प्लास्टिक या पॉलिमर के नोट छापने जैसी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (बीआरबीएनएमपीएल) बैंक नोटों के डिजाइन, मुद्रण और आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बीते वर्ष के दौरान, बीआरबीएनएमपीएल के मैसूरु प्रिंटिंग प्रेस में ‘वार्निश किए गए नोटों’ को छापने का सफल परीक्षण किया गया है।
आइए सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं कि नए नोटों की छपाई से जुड़ी असल सच्चाई क्या है, बाजार में फिलहाल कौन सी करेंसी सबसे ज्यादा चल रही है और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर रिजर्व बैंक का ताजा रुख क्या है।