‘भारत में नागरिकता का प्रमाण कैसे दिया जा सकता है?’ बुधवार को जब विदेश मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण जारी कर यह कहा कि पासपोर्ट सिर्फ यात्रा का दस्तावेज है और यह देश की नागरिकता का प्रमाण नहीं है तो सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस मच गई। आम लोगों से लेकर संगीतकार जावेद अख्तर और विपक्ष के कई नेताओं ने भी नागरिकता के सबूत को लेकर सवाल पूछे। हालांकि, कहीं भी यह साफ नहीं हो सका कि आखिर देश का कानून नागरिकता पर क्या कहता है और किन दस्तावेजों को इसका प्रमाण माना जा सकता है।
आइये जानते हैं कि विदेश मंत्रालय का पूरा बयान क्या रहा है, जिसे लेकर देश में नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेजों पर बहस छिड़ गई है? अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता तो फिर भारतीयता का सबूत क्या हो सकता है? इससे जुड़ा कानून क्या कहता है?