अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा और दानराशि प्रबंधन को लेकर उठे विवाद तथा एसआईटी जांच के बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की सक्रियता बढ़ गई है। इसी बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और विहिप के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच बृहस्पतिवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक ने नए राजनीतिक और सांगठनिक कयासों को जन्म दे दिया है। संगठन के भीतर यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि विवाद लंबा खिंचता है तो मंदिर आंदोलन और विहिप की साख बचाने के लिए बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्र, निर्माण प्रभारी गोपाल राव, समेत विहिप के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा, केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे तथा केंद्रीय सह-संगठन महामंत्री विनायक राव सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन चढ़ावा विवाद, एसआईटी जांच और उससे उपजे हालात को लेकर चर्चा होने की बात कही जा रही है।
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय इस समय दान और चढ़ावा प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के केंद्र में हैं। ऐसे समय में विहिप के शीर्ष नेतृत्व और ट्रस्ट के बीच हुई बैठक को सामान्य औपचारिक बैठक मानने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जांच से उत्पन्न परिस्थितियों और उसके संभावित प्रभावों पर गंभीर मंथन हुआ है।

