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मुजफ्फरनगर। तितावी क्षेत्र के मांडी गांव में संचालित दोना फैक्टरी में कथित बंधुआ मजदूरी के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुक्त कराए गए मजदूरों में से चार के न्यायालय में बयान दर्ज कराए हैं।
पीड़ित मजदूरों के अनुसार उन्हें 10 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन, भोजन और रहने की सुविधा का लालच देकर विभिन्न राज्यों से लाया गया था, लेकिन यहां लाकर बंधक बना लिया गया। मजदूरों का दावा है कि डेढ़ साल तक उनसे जबरन काम कराया गया और विरोध करने पर अमानवीय यातनाएं दी गईं। कोड़े से मारा गया, कुत्ते से कटवाया गया, चोकर की सूखी रोटियां खिलाईं गईं।
मामले में फरार चल रहे फैक्टरी मालिक अंकित बालियान और उसके एक सहयोगी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

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मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी मामला
– फोटो : अमर उजाला
दीवार फांदकर भागे विक्रम ने खोली पोल
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान निवासी मजदूर विक्रम किसी तरह फैक्टरी से भाग निकलने में सफल हो गया। मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी का सुपरवाइजर शिवा शराब पीने गया हुआ था और मालिक भी मौके पर नहीं था। इसी दौरान मालिक के पिता के फैक्टरी से निकलने के बाद साथियों ने विक्रम को तिरपाल में छिपाकर बाहर निकाला और फिर उसे दीवार फांदकर भगा दिया।
मजदूरों के अनुसार तीन लोगों ने उसका पीछा भी किया, लेकिन वह गन्ने के खेत में छिप गया और किसी तरह तितावी थाने पहुंचकर पूरी जानकारी पुलिस को दी। बाद में जब सुपरवाइजर को विक्रम के भागने का पता चला तो उसने फैक्टरी में मौजूद अन्य मजदूरों की पिटाई की।

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मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी मामला
– फोटो : अमर उजाला
गेट पर लिखा था ‘कुत्तों से सावधान’, हमेशा रहता था बंद
मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी का मुख्य गेट हमेशा बंद रखा जाता था। केवल सामान आने-जाने या संचालकों के आने पर ही उसे खोला जाता था। गेट पर ‘कुत्तों से सावधान’ का बोर्ड लगा था, जिससे बाहरी लोगों का वहां आना-जाना भी कम रहता था।
पीड़ितों का कहना है कि कई मजदूरों को महीनों तक यह भी पता नहीं था कि उन्हें किस गांव और किस इलाके में रखा गया है। एक मजदूर ने पुलिस को बताया कि वह आठ महीने से वहां काम कर रहा था, लेकिन उसे अपने ठिकाने का नाम तक नहीं मालूम था।

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मामले में दो आरोपी गिरफ्तार
– फोटो : अमर उजाला
सूखी रोटी, मारपीट और दहशत का माहौल
मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें भरपेट भोजन नहीं दिया जाता था। कई बार केवल सूखी रोटी देकर काम कराया जाता था। विरोध करने या थकान जताने पर मारपीट की जाती थी। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें कोड़े मारे जाते थे, कुत्तों से कटवाया जाता था और शरीर पर नुकीले हथियारों से दागने जैसी यातनाएं दी जाती थीं।

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मुजफ्फरनगर बंधुआ मजदूरी मामला
– फोटो : अमर उजाला
कोर्ट में दर्ज हुए मजदूरों के बयान
पुलिस ने मजदूर रंजीत, साहिल, विक्रम और जगदीश के बयान न्यायालय में दर्ज कराए हैं। बिहार निवासी संतोष और उज्ज्वल को भी बयान के लिए ले जाया गया था, लेकिन समयाभाव के कारण उनके बयान दर्ज नहीं हो सके।
अन्य मजदूरों के बयान भी दर्ज कराए जाने की प्रक्रिया जारी है।इस बीच बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और अन्य राज्यों से मजदूरों के परिजन तितावी थाने पहुंचने लगे हैं। पुलिस ने सभी मजदूरों के घरवालों को सूचना दे दी है और उन्हें सुरक्षित घर भेजने की तैयारी की जा रही है।
