30 सितंबर 2026 की सुबह 6 बजकर 5 मिनट… दुबई के एयरपोर्ट से फ्लाई दुबई फ्लाइट नंबर FZ1073 ने उड़ान भरी. कुछ ही देर में प्लेन हवा में 34,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया. लेकिन फिर अचानक… कॉकपिट के अंदर एक चाकू चमका और उसके बाद जो हुआ, वो 174 लोगों की जिंदगी का सबसे लंबा और सबसे डरावना सफर बन गया… तो 5 सीन में फ्लाई दुबई फ्लाइट के मामले को परत दर परत खोलते हैं…
सीन- 1: कॉकपिट के अंदर शुरू हुई चाकूबाजी
कॉकपिट में दो लोग बैठे हैं. बाईं तरफ 39 साल के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार. 13 साल का तजुर्बा और 9,750 घंटे की उड़ान का रिकॉर्ड. वे 11 साल स्पाइसजेट में रह चुके हैं. वहां वो सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन थे. यानी वो दूसरे पायलट्स को ट्रेनिंग देते थे. जून 2022 में फ्लाईदुबई जॉइन किया. दो बच्चों के पिता हैं. पत्नी-बच्चे दुबई में और मां-बाप मुंबई में.
दाईं तरफ को-पायलट. ओमान का नागरिक (नाम अभी सार्वजनिक नहीं हुआ). उम्र के बारे में भी कुछ पता नहीं. लेकिन जो पता है, वो डरावना है. वो धार्मिक चरमपंथी है. औरतों से हाथ नहीं मिलाता. ज्यादातर वक्त नमाज में बिताता है. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बाद में इसे ‘जिहादी आतंकी हमले की कोशिश’ कहा. खैर, उसकी जेब में एक चाकू है.
सीन- 2: सुबह 8 बजकर 21 मिनट (दुबई टाइम)
प्लेन 34,000 फीट पर उड़ रहा है. बाहर अंधेरा है और उड़ान भरे दो घंटे 16 मिनट हो चुके हैं. तभी अचानक… कॉकपिट में को-पायलट उठा और जेब में हाथ डालकर चाकू निकाल लिया. उसने मौका पाकर कैप्टन मच्छार पर हमला कर दिया. चाकू के वार से मच्छार का सिर फट गया. कैप्टन मच्छार चीखे, लेकिन हार नहीं मानी.
वो अपनी सीट से उठते हैं. को-पायलट उन्हें कॉकपिट से बाहर धकेलने और प्लेन को क्रैश करने की कोशिश करता है. कैप्टन मच्छर अपनी पूरी ताकत लगाते हैं. वो लड़ते हैं…
तभी पैसेंजर मीका बॉमन को अचानक लगता है जैसे प्लेन हवा में कांपने लगा है. पहले तो हल्का झटका. फिर… धड़ाम प्लेन गिरने लगता है. 29 सेकंड में 14,125 फीट पर आ जाता है यानी करीब 10 हजार फीट नीचे. कुछ रिपोर्ट्स में दो मिनट से कम में 17,400 फीट.
FLIGHT TERROR
✈️ Passengers overcame co-pilot who tried to crash flydubai flight, Netanyahu says
Sep 30, 2026
On September 30, 2026, #FlyDubai Flight FZ1073 from #Dubai to Tel Aviv was diverted to Saudi Arabia after a suspected #jihadist terror attack in the cockpit. The… pic.twitter.com/qMLj7QaptN
— Sid (@Trending_Sid) September 30, 2026
मीका बॉमन ने बाद में CNN को बताया, ‘हमें लगा प्लेन पूरी तरह गिर गया और घूमने लगा. सब चीख रहे थे. बच्चे रो रहे थे. मुझे यकीन हो गया था कि मैं मरने वाली हूं.’
पैसेंजर हैम लाजारोविच अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ आगे की सीट पर बैठे थे. उन्होंने बाद में रॉयटर्स को बताया, ‘इस उड़ान का सबसे डरावना पल वो था जब पायलट ने कंट्रोल खो दिया.’
सीन- 3: सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर खुला कॉकपिट का दरवाजा
पैसेंजर यानिव हायुन और कुछ लोग बाहर से दरवाजा खोलने की कोशिश करने लगे, लेकिन दरवाजा नहीं खुल रहा. क्यों? क्योंकि घायल कैप्टन मच्छर दरवाजे के बिल्कुल पास गिरे हुए हैं. उनका शरीर दरवाजे को ब्लॉक कर रहा है. हायुन ने बताया, ‘हम दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन घायल पायलट दरवाजे के बहुत करीब था.’
कैप्टन मच्छर अपनी आखिरी ताकत लगाते हैं. अपना हाथ बढ़ाते हैं. और… दरवाजे का रिलीज बटन दबा देते हैं. दरवाजा खुल जाता है.
यानिव हायुन देखते हैं कि एक पायलट जमीन पर पड़ा है. खून से लथपथ. दूसरा पायलट कंट्रोल पैनल पर हाथ मार रहा है. उसे तोड़ने की कोशिश कर रहा है. प्लेन को डिसेबल करने की कोशिश कर रहा है.
हायुन ने बताया, ‘मैंने हमलावर को पकड़ा, उसे चोकहोल्ड में डाला और बाहर खींच लिया. ये सेकंडों का काम था.’
वो हमलावर को कॉकपिट से बाहर खींचते हैं, तब तक दूसरे पैसेंजर भी आ जाते हैं. सब मिलकर हमलावर को बांध देते हैं, लेकिन प्लेन अब भी नीचे गिर रहा होता है.
इसी वक्त पीछे से इजरायली डॉक्टर शोटा मुसेव जॉर्जियाई डेंटिस्ट दौड़ते हुए आए और उन्होंने कैप्टन मच्छार को संभाला. उन्होंने RTE को बताया, ‘जब मैंने चीखें सुनीं, मैं 10 सेकंड में दौड़ा. जब मैं कॉकपिट में पहुंचा, पायलट बहुत गंभीर हालत में था और सिर से खून बह रहा था.’
सीन- 4: सुबह 8 बजकर 31 मिनट बजे हाईजैक कोड
तभी प्लेन का ट्रांसपोंडर कोड 7700 हो गया, जिसका मतलब है जनरल इमरजेंसी. एयर ट्रैफिक कंट्रोल को पता चल गया कि प्लेन में कुछ बहुत बुरा हुआ है. फिर 8 बजकर 38 मिनट पर कोड बदलकर 7500 कर दिया है, यानी हाईजैकिंग.
इसके बाद इजरायल के रडार पर लाल बत्ती जली. इजरायली वायुसेना के लड़ाकू विमान स्क्रैम्बल हुए और प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन पहुंच गया. इस दौरान प्लेन जॉर्डन की हवाई सीमा में थोड़ी देर के लिए घुस गया. फिर वापस सऊदी अरब की तरफ मुड़ गया है.
तभी पैसेंजर असाफ रजुआन ने मच्छार को उठाकर कॉकपिट तक लेकर आए. एक ऑफ-ड्यूटी पायलट कंट्रोल संभाल लिया. दोनों पायलट्स मिलकर प्लेन को धीरे-धीरे लेवल पर लाने की कोशिश करने लगे. खिड़की के बाहर सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिम में ताबुक एयरपोर्ट है. जहां इमरजेंसी लेंडिंग की इजाजत मिल जाती है.
प्लेन के पहिए जमीन को छू लेते हैं. प्लेन रुकता है और केबिन में सन्नाटा छा जाता है. फिर… तालियां बजती हैं. लोग रोते हैं. एक-दूसरे को गले लगाते हैं.
पैसेंजर हैम लाजारोविच ने कहा, ‘भगवान का शुक्र है, मैं जिंदा हूं.’
सीन- 5: खून से लथपथ कैप्टन मच्छार
कैप्टन स्मित मच्छर को स्ट्रेचर पर लिटाकर एम्बुलेंस में डाला जाता है. उनका चेहरा खून से लथपथ है. आंखें बंद हैं, लेकिन सांस चल रही है. उन्हें और हमलावर को ताबुक के अस्पताल में ले जाया जाता है. सऊदी पुलिस उसे हिरासत में ले लेती है और शुरू होती है पूछताछ.
भारतीय दूतावास (सऊदी अरब) ने बताया कि कैप्टन स्मित मच्छर की हालत स्थिर है. उनका इलाज चल रहा है.
दूसरी ओर फ्लाईदुबई ने दो रिप्लेसमेंट प्लेन भेजे दिए. इन पायलट्स ने ताबुक से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी और शाम 6 बजकर 40 मिनट पर प्लेन बेन गुरियन एयरपोर्ट पर लैंड कर लिया. अब तक दुनियाभर में पता चल गया था कि फ्लाई दुबई फ्लाइट में क्या हुआ. इस वजह से एयरपोर्ट पर भीड़ लग गई. म्यूजिक बजने लगा और लोगों के हाथ में इजरायली झंडे लहराने लगे.
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू खुद टर्मिनल 1 पर खड़े रहे. उन्होंने पैसेंजर्स को रिसीव किया और यानिव हायुन को ‘शेर’ कहा.
नेतन्याहू बाद में मीडिया से कहते हैं, ‘कैप्टन मच्छर ने 174 लोगों की जान बचाई. वो एक सच्चा हीरो है. उसने 9/11 जैसी तबाही रोकी.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा, ‘कैप्टन स्मित मच्छर एक हीरो हैं. सबसे बड़े खतरे का सामना करते हुए, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने अदम्य साहस दिखाया. भारत को कैप्टन मच्छर पर गर्व है.’
Captain Smit Machchhar has shown the world the highest form of courage.
Without fearing for his own life, he fought valiantly and prevented another 9/11 like attack from happening.
140 crore Indians salute Captain Smit and are praying for his well-being. pic.twitter.com/YGTA9CFCAg
— Narendra Modi (@narendramodi) October 1, 2026
अभी फिलहाल फ्लाईदुबई ने इजरायल जाने-आने वाली अपनी सभी फ्लाइट्स अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. एयरलाइन ने कहा, ‘इस घटना के पीछे के कारण और मकसद अभी अज्ञात हैं. हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि जांच पूरी होने तक अटकलें न लगाएं.’
इस हादसे से पता चलता है कि कभी-कभी हीरो कोई फिल्मी किरदार नहीं होता. कभी-कभी हीरो वो आदमी होता है, जो खून से लथपथ होकर भी दरवाजे का लॉक खोल देता है.


