Don 3 Controversy: फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ छोड़ने के बाद पिछले दिनों बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने बैन कर दिया था. हालांकि अब FWICE ने अपना फैसला बदल लिया है. बुधवार को एफडब्ल्यूआईसीई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रणवीर पर लगाए गए बैन को हटा दिया है. इस मौके पर सिंटा की महासचिव उपासना सिंह, इफ्तडा के अध्यक्ष अशोक पंडित, ऑल इंडिया फिल्म एम्प्लॉइज कॉन्फेडरेशन के अध्यक्ष तथा एफडब्ल्यूआईसीई के महासचिव अशोक दुबे समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे. इससे पहले मंगलवार को रणवीर ने एफडब्ल्यूआईसीई को ‘असहयोग निर्देश’ (Non-Cooperation Directive) का विरोध करने के लिए लीगल नोटिस भेजा था.
अशोक पंडित बोले- ये कदम पूरी सद्भावना के साथ उठा रहे हैं
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अशोक पंडित ने कहा, “सिंटा, इम्प्पा और प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने हमें लिखित पत्र भेजकर रणवीर सिंह के खिलाफ जारी असहयोग निर्देश को वापस लेने का अनुरोध किया था. इन सभी जिम्मेदार संगठनों की अपील को देखते हुए और फिल्म इंडस्ट्री तथा उसके सदस्यों के हित को ध्यान में रखते हुए हमने इस असहयोग निर्देश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का फैसला किया है.’
अशोक पंडित ने आगे एक आधिकारिक बयान पढ़ते हुए कहा, ‘हम यह कदम पूरी तरह से सद्भावना के साथ उठा रहे हैं. हमें आईएमपीए द्वारा ये विश्वास और आश्वासन दिया गया है कि संबंधित सभी पक्षों के साथ इस मुद्दे पर गंभीर और रचनात्मक स्तर पर बात की जाएगी. हमारा उद्देश्य जल्द से जल्द ऐसा समाधान निकालना है, जो सौहार्दपूर्ण, निष्पक्ष और सभी पक्षों के लिए फायदेमंद हो.’ अशोक पंडित ने आगे ये भी बताया कि उनके पास किसी भी कलाकार को पूरी तरह बैन करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है. वो केवल असहयोग की अपील कर सकते हैं.
अशोक दुबे बोले- न फिल्ममेकर्स और न एक्टर को नुकसान होगा
वहीं एफडब्ल्यूआईसीई के महासचिव अशोक दुबे ने कहा, ‘मैं ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हमने सभी की रिक्वेस्ट पर रणवीर सिंह के खिलाफ जारी असहयोग निर्देश वापस ले लिया है. हमने ये आश्वासन दिया है कि हम निर्माता संस्था के साथ मिलकर एक सही और संतुलित फैसला लेंगे. इससे न तो प्रोड्यूसर को नुकसान होगा, न डायरेक्टर को और न ही एक्टर को किसी प्रकार की परेशानी होगी.’
रणवीर के नोटिस का दिया जाएगा जवाब
अशोक दुबे ने आगे कहा, ‘अगर हमने शुरुआत में ये कड़ा रुख नहीं अपनाया होता, तो आज बातचीत का यह रास्ता नहीं निकलता. इस मसले को सुलझाने के लिए ही हमने अपना फैसला वापस लिया है. इस पूरे घटनाक्रम में न तो किसी की जीत हुई है और न ही किसी की हार. जहां तक रणवीर सिंह द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस का सवाल है, हमारा कानूनी विभाग उसका अध्ययन कर रहा है और हम कानून का पूरा पालन करेंगे.’
अशोक पंडित ने रणवीर से की ये अपील
वहीं अशोक पंडित ने रणवीर सिंह से अपील करते हुए कहा, ‘हम रणवीर सिंह से ये रिक्वेस्ट करना चाहते हैं कि वो हमारे पास आएं और बैठकर बातचीत करें. बातचीत के जरिए जरूर कोई समाधान निकाला जाएगा. पूरी फिल्म इंडस्ट्री हमारा परिवार है. हम चाहते हैं कि वो भविष्य में और भी बड़े स्टार बनें और पूरी दुनिया में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का मान बढ़ाएं.’


