Diesel Blending: पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंड करने को लेकर देशभर में काफी बवाल चल रहा है. कई लोगों ने शिकायत की है कि उनकी गाड़ी इस पेट्रोल की वजह से खराब हो रही है. हालांकि सरकार ने इसे वापस लेने का कोई फैसला नहीं किया है. तमाम विरोध और शिकायतों के बीच अब सरकार पेट्रोल के बाद मिलावटी डीजल लाने की भी तैयारी कर रही है. जैसे बाजार में ई20 आ गया है, वैसे ही अब बी5 भी साल 2020 तक आने वाला है.
कितने प्रतिशत होगी मिलावट?
दरअसल ई-20 के बाद अब सरकार जल्दी ही बी-5 फ्यूल लाने की तैयारी कर रही है. ये मिलावटी डीजल होगी, जैसे पेट्रोल में एथेनॉल का 20 प्रतिशत मिलाकर उसे ई-20 पेट्रोल बनाया गया है, उसी तरह से 95 प्रतिशत डीजल में 5 प्रतिशत जैवित मिलाकर इस बी-5 डीजल को बनाया जाएगा. सरकार का कहना है कि इसे इंजन में किसी तरह के संशोधन के बिना इस्तेमाल किया जा सकता है.
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कैसे बनेगा बायोडीजल?
इंडियन ऑइल की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार ये डीजल जटरोफा और करंजिया से बनाया जाएगा. ये दोनों वनस्पति तेल होते हैं जिनका खाने- पीने में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. ऐसे में इनकी मदद से अच्छी किस्म का बायोडीजल बन पाएगा. सरकार के द्वारा पहले भी बायोडीजल पर बनाकर उसकी परीक्षण किया जा चुका है, जो सफल भी रहा है. हरियाणा रोडवेज, रेलवे, टाटा की मदद से 5 से 10 प्रतिशत तक मिलाकर व्यापक परीक्षण किया जा चुका है.
प्रदूषण होगा नियंत्रित
इस बायोडीजल को बनाना के उद्देश्य वही है जो ई-20 को लेकर सरकार का लक्ष्य रहा है. सरकार चाहती है कि तेल को लेकर अन्य देशों पर निर्भरता सही नहीं है. ऐसे में घरेलू उत्पादन ही ज्यादा सही होगा. इसके अलावा इस फ्यूल की मदद से प्रदूषण भी नियंत्रित होगा. ई-20 का लक्ष्य तय समय से पहले ही प्राप्त हो गया है. ऐसे में साल 2030 तक बायोडीजल लाने का भी सरकार का प्लान है.

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