दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने अजमेर और किशनगढ़ के तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में अजमेर के गुलाबबाड़ी निवासी सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी जवरी लाल अग्रवाल, उनकी पत्नी कमला अग्रवाल और किशनगढ़ के मार्बल कारोबारी अशोक पंसारी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई।
रिश्तेदार का हालचाल जानने गए थे अशोक पंसारी


जानकारी के अनुसार, जवरी लाल अग्रवाल अपनी पत्नी कमला अग्रवाल और परिचित अशोक पंसारी के साथ दिल्ली गए हुए थे। वहां वे मैक्स अस्पताल में भर्ती एक रिश्तेदार का हालचाल जानने पहुंचे थे। ठहरने के लिए उन्होंने मालवीय नगर स्थित होटल में कमरा लिया था। सुबह अचानक होटल में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस हादसे ने इसलिए भी लोगों को भावुक कर दिया क्योंकि कमला अग्रवाल का जन्मदिन एक जून को ही मनाया गया था। परिवार और परिचितों के साथ जन्मदिन की खुशियां साझा करने वाले दंपती को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि महज दो दिन बाद यह खुशी हमेशा के लिए मातम में बदल जाएगी।
परिजनों के अनुसार, हादसे के बाद जवरी लाल अग्रवाल की बेटी दीपा अग्रवाल ने परिवार को सूचना दी। शुरुआत में कमला अग्रवाल के निधन की खबर मिली थी, जबकि बाद में तलाशी अभियान के दौरान जवरी लाल अग्रवाल का शव भी बरामद किया गया। जवरी लाल अग्रवाल के परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। उनका बेटा सचिन अग्रवाल अमेरिका में एक बहुराष्ट्रीय तकनीकी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत है। हादसे की सूचना मिलते ही वह भारत के लिए रवाना हो गया, जबकि बेटी दीपा भी तत्काल दिल्ली पहुंच गई।
जवरी लाल प्रबंधक पद से हुए थे सेवानिवृत्त
जवरी लाल अग्रवाल यूको बैंक से प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। लंबे समय तक बैंकिंग सेवा देने वाले जवरी लाल सामाजिक और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उनके पड़ोसियों और मित्रों ने घटना पर गहरा दुख जताया है। स्थानीय लोगों के अनुसार वे वर्षों से गुलाबबाड़ी क्षेत्र में रह रहे थे और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते थे। दंपती लायंस क्लब से भी जुड़े हुए थे। हादसे की सूचना के बाद क्लब सदस्यों और परिचितों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
मार्बल कारोबारी ने गंवाई जान
इस अग्निकांड में किशनगढ़ के प्रतिष्ठित मार्बल कारोबारी अशोक पंसारी की भी जान चली गई। बताया जा रहा है कि वे भी अपने एक रिश्तेदार से मिलने दिल्ली पहुंचे थे। उनके निधन की खबर से किशनगढ़ के व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। अशोक पंसारी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में पत्नी, पुत्र, बहुएं और विवाहित पुत्री शामिल हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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दिल्ली के इस भीषण अग्निकांड ने एक ही झटके में तीन परिवारों से उनके अपने छीन लिए। कोई जन्मदिन की खुशियां मनाकर लौटा था तो कोई रिश्तेदार का हालचाल जानने गया था, लेकिन यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ। अजमेर और किशनगढ़ में हर आंख नम है और लोग इस दर्दनाक हादसे को याद कर भावुक हो रहे हैं।