अमेरिका के संघीय अभियोजकों ने बुधवार को क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की घोषणा की। राउल कास्त्रो पर 1996 में मियामी स्थित निर्वासित समूह के नागरिक विमानों को मार गिराने के मामले में आपराधिक आरोपों की घोषणा की गई। यह मामला ‘ब्रदर्स टू द रेस्क्यू’ नामक समूह द्वारा संचालित दो छोटे विमानों को गिराए जाने से जुड़ा है। उस समय राउल कास्त्रो क्यूबा के रक्षा मंत्री थे। उन पर हत्या और विमान नष्ट करने सहित कई आरोप लगाए गए हैं।
कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश और न्याय विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मियामी में आयोजित एक कार्यक्रम में इस मामले की घोषणा की। यह कार्यक्रम विमान हादसे में मारे गए लोगों की स्मृति में आयोजित किया गया था।
ये भी पढ़ें: Iran: ‘युद्ध नहीं, सम्मानजनक कूटनीति ही बेहतर रास्ता’; ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने फिर दोहराया अपना रुख
मुकदमे पर क्या बोले ट्रंप?
कास्त्रो पर अभियोग के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मियामी की क्यूबा भाषी आबादी और निश्चित रूप से मियामी से परे भी अटॉर्नी जनरल ने आज जो किया उसकी सराहना करते हैं। क्यूबा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है।” वहीं, क्यूबा में तनाव बढ़ने की आशंका पर ट्रंप ने कहा, “नहीं। तनाव नहीं बढ़ेगा। उन्होंने वास्तव में क्यूबा पर अपना नियंत्रण खो दिया है।”
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका क्यूबा को आजाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में पूर्व क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के अभियोग के बाद क्यूबा के लोगों की मदद करेगा। ट्रंप ने कहा कि द्वीप राष्ट्र में सीआईए की उपस्थिति और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की क्यूबा से जुड़ी जड़ों के कारण अमेरिका को क्यूबा के बारे में महत्वपूर्ण विशेषज्ञता प्राप्त है।
क्यूबा के राष्ट्रपति ने ट्रंप पर साधा निशाना
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल बर्मुडेज ने अभियोग की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल क्यूबा क्रांति के अडिग संकल्प के प्रति अमेरिका के अहंकार और हताशा को उजागर करता है। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “यह एक राजनीतिक पैंतरा है, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है। इसका एकमात्र उद्देश्य उस मनगढ़ंत दस्तावेज को पुख्ता करना है जिसका उपयोग वे क्यूबा के खिलाफ सैन्य आक्रमण की मूर्खता को उचित ठहराने के लिए करते हैं।”
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से क्यूबा पर दबाव बढ़ाने की बात कर रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद क्यूबा के खिलाफ ईंधन आपूर्ति रोकने सहित कई कदम उठाए थे, जिससे वहां बिजली संकट और आर्थिक दबाव बढ़ा।
क्यूबा और अमेरिका के बीच वार-पलटवार जारी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा की जनता से नई नेतृत्व व्यवस्था और मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था की मांग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्यूबा के साथ संबंधों में नया अध्याय शुरू करने के लिए तैयार है।
वहीं, क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस एफ डी कोसियो ने मार्को रुबियो के बयान पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि वह क्यूबा के बारे में बार-बार गलत दावे कर रहे हैं और देश के लोगों के खिलाफ आक्रामक नीतियों को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि राउल कास्त्रो के अमेरिका की हिरासत में आने की संभावना फिलहाल नहीं दिखती। उन्होंने 2006 में अपने भाई फिदेल कास्त्रो से सत्ता संभाली थी और 2018 में सत्ता हस्तांतरित कर दी थी। हालांकि, 2021 में कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख पद छोड़ने के बाद भी उन्हें पर्दे के पीछे प्रभावशाली माना जाता है।
ये भी पढ़ें: ईरान युद्ध में अमेरिका को बड़ा नुकसान: F-35 और MQ-9 ड्रोन समेत 42 सैन्य विमान हुए तबाह, इस रिपोर्ट में खुलासा
क्या है मामला?
रिपोर्ट के अनुसार, 1995 से ‘ब्रदर्स टू द रेस्क्यू’ समूह के विमान हवाना के ऊपर उड़ान भरकर क्यूबा सरकार के खिलाफ पर्चे गिराते थे। क्यूबा ने अमेरिकी सरकार से इस पर आपत्ति जताई थी और चेतावनी दी थी कि वह अपने हवाई क्षेत्र की रक्षा करेगा। 24 फरवरी 1996 को रूसी निर्मित मिग-29 लड़ाकू विमानों ने हवाना के उत्तर में क्यूबा के हवाई क्षेत्र के पास दो निहत्थे सेसना विमानों को मार गिराया था। इस घटना में विमान में सवार चार लोगों की मौत हो गई थी।
पूर्व संघीय अभियोजक गाय लुईस ने कहा कि जांच के दौरान क्यूबा के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े संबंधों के प्रमाण मिले थे। हालांकि तत्कालीन क्लिंटन प्रशासन ने विदेश नीति संबंधी चिंताओं के कारण राउल कास्त्रो के खिलाफ उस समय अभियोग दायर नहीं किया था।

