RBI on Cryptocurrency: भारत में क्रिप्टोकरेंसी को वर्चुअल डिजिटल एसेट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. इसको लेकर तरह- तरह की बातें की जाती है, सरकार चाहती है कि इसे बैन कर दिया जाए, तो वहीं कई लोगों की मांग है कि इसे भारत में लीगलाइज किया जाए. अब RBI ने खुद इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और बताया है कि वो क्रिप्टोकरेंसी को भारत में लीगलाइज नहीं करेंगे.
क्रिप्टोकरेंसी नहीं होगी लीगलाइज
दरअसल हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली एक संसदीय समिति को बताया है कि क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था के लिए खतरा हैं और देश में ऐसी एसेट्स को कानूनी मान्यता नहीं दी जानी चाहिए. इसके अलावा उन्होंने बताया कि चीन और कतर उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने ऐसी वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगा दी है, जबकि यूरोप ने बहुत कड़े और रेगुलेटेड तरीके से वर्चुअल डिजिटल एसेट्स की अनुमति दी है.
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डिजिटल मनी से होंगे ये नुकसान
RBI ने इस दौरान एक छोटी सी रिपोर्ट भी सबमिट की है, जिसमें उसने बताया है कि डिजिटल मनी का इस्तेमाल कुछ इल-लीगल एक्टिविटीज जैसे टेरर फंडिंग या नार्कोटिक्स स्मगलिंग के लिए किया जा सकता है. ऐसे में इसके लीगलाइज करने पर बाहरी देशों में किए जाने वाले इस्तेमाल पर नजर रखना थोड़ा मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में RBI ने इसे लीगलाइज ना करने पर जोर दिया है.
क्रिप्टो के इस्तेमाल पर रोक है जरूरी- RBI
वहीं इस बैठक के दौरान RBI की तरफ से बताया गया है कि क्रिप्टो का इस्तेमाल भारत की अर्थव्यवस्था को हिला सकता है,. ऐसे में इसके इस्तेमाल पर जल्द से जल्द रोक लगा देनी चाहिए. RBI ने कहा, ‘पेमेंट और सेटलमेंट में क्रिप्टो के इस्तेमाल को रोककर, बैंकिंग सेक्टर के जोखिम को सीमित करके और सिस्टम से जुड़े कनेक्शन को कम करके, क्रिप्टो पर रोक लगाने जैसी सावधानी भरी रणनीति से फाइनेंशियल सिस्टम को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी.’

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