केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर कांग्रेस ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सरकार “अमृतकाल” और विकास के दावे कर रही है, लेकिन जमीन पर आम आदमी महंगाई से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल, डीजल, गैस और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतों ने गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। कांग्रेस ने कहा कि सरकार विज्ञापनों में अर्थव्यवस्था चमका रही है, जबकि जनता महंगाई की मार झेल रही है।

सुरजेवाला ने महंगाई को लेकर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पिछले कुछ महीनों में जरूरी सामान की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि अरहर दाल 110 रुपये से बढ़कर 165 रुपये किलो तक पहुंच गई है। सरसों तेल 200 रुपये लीटर के करीब बिक रहा है। चावल और आटे की कीमतों में भी बड़ा उछाल आया है। सुरजेवाला ने कहा कि पेट्रोल 105 रुपये लीटर और घरेलू गैस सिलेंडर 942 रुपये तक पहुंच गया है। उनका आरोप है कि इससे आम परिवार का मासिक बजट बिगड़ गया है।
कांग्रेस ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए?
सुरजेवाला ने कहा कि डबल इंजन सरकार की वजह से जनता पर डबल मार पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ईंधन महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ गया और इसका असर हर चीज की कीमत पर पड़ा। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पहले जिस पैसे में पूरे महीने का राशन आ जाता था, अब उसी रकम में कम सामान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं खुद बता रही हैं कि अब उन्हें दाल, तेल और चीनी जैसी चीजें कम मात्रा में खरीदनी पड़ रही हैं।
नेहरू-मोदी की तुलना पर कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस विधायक और प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी प्रधानमंत्री का मूल्यांकन उसके कार्यकाल की लंबाई से नहीं, बल्कि देश के लिए किए गए काम से होना चाहिए। राठौर ने कहा कि नेहरू ने आजाद भारत की नींव रखी, पंचवर्षीय योजनाएं शुरू कीं और बड़े शिक्षण संस्थान बनाए। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास सरकारों को उनके लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था और जनता के हित में किए गए कामों के आधार पर याद रखता है।
12 साल पूरे होने पर जश्न मना रही भाजपा
भाजपा देशभर में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर कार्यक्रम आयोजित कर रही है। पार्टी अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में जुटी है। वहीं कांग्रेस लगातार बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक हालात को लेकर सरकार को घेर रही है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में महंगाई और आर्थिक मुद्दे विपक्ष के बड़े चुनावी हथियार बन सकते हैं। फिलहाल भाजपा विकास और बुनियादी ढांचे के काम गिना रही है, जबकि विपक्ष जनता की जेब पर पड़ रहे असर को मुद्दा बना रहा है।
