द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन का सियासी असर अब बिहार की राजनीति में भी साफ दिखाई देने लगा है। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन को अपनी जीत मान रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थन में अब जनशक्ति जनता दल (जेजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी खुलकर सामने आ गए हैं। तेज प्रताप ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके से बिहार आने की अपील करते हुए राज्य में जनआंदोलन छेड़ने का आह्वान किया है।
अभिजीत दीपके से बिहार आने की अपील
तेज प्रताप यादव ने अपनी और अभिजीत दीपके की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से विशेष अपील करते हैं कि वे बिना किसी देरी के बिहार की धरती पर आएं। उन्होंने कहा कि बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य में एक मजबूत और व्यापक जनआंदोलन की जरूरत है।
मैं, तेज प्रताप यादव, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से यह विशेष अपील करता हूँ कि वे अविलंब बिहार की धरती पर आएं।
बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आज एक कड़े और मजबूत जनांदोलन की आवश्यकता है। मैं उनसे आग्रह करता हूँ कि वे बिहार आकर यहाँ की जनता की… pic.twitter.com/ADzYCxfB4w— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) July 25, 2026
‘बिहार की जनता की आवाज बनें’
तेज प्रताप यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि वह चाहते हैं कि अभिजीत दीपके बिहार आकर यहां की जनता की आवाज बनें और सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बेहतर भविष्य और जनहित के लिए जो भी कठोर कदम उठाने होंगे, उसमें उनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल और उनके सभी समर्थक कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहेंगे।
जेजेपी ने दिया आंदोलन को समर्थन
तेज प्रताप ने कहा कि इस परिवर्तन की लड़ाई में उनकी पार्टी का पूरा और अटूट समर्थन रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं और छात्रों के हितों की लड़ाई में वे हर स्तर पर सहयोग करेंगे।
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया छात्रों की जीत
इससे पहले तेज प्रताप यादव ने एक अन्य पोस्ट में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने लिखा, “मेहनत की स्याही का जब हिसाब मांगा युवाओं ने, तो कुर्सियों के गुरूर भी जमीन पर आ गिरे।” तेज प्रताप ने कहा कि बिहार बंद के दौरान वह जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में छात्रों और युवाओं के समर्थन में सड़क पर उतरे थे। उन्होंने कहा कि चाहे दिल्ली के जंतर-मंतर पर उमड़ा जनसैलाब हो या बिहार का आंदोलन, वह लगातार केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और युवाओं के मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के लिए सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की जीत और अन्याय के खिलाफ न्याय की जीत है।
बिहार बंद के दौरान हिरासत में लिए गए थे तेज प्रताप
बिहार बंद के दौरान पटना में पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन में जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। पटना से सामने आए वीडियो में छात्रों और प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प दिखाई दी। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में लिया।

