यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि यूक्रेन रूस की धरती पर हमले रोकने को तैयार है। लेकिन इसके लिए रूस को यूक्रेन के जरूरी बुनियादी ढांचे पर हमला नहीं करने की पक्की गारंटी देनी होगी।

ट्रंप ने क्या दावा किया?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे पर हमला नहीं करने को राजी हुए हैं। हालांकि, ट्रंप ने इस कथित समझौते के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी।
रूस ने क्या कहा?
ट्रंप के दावे पर रूस की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच अस्थायी युद्धविराम कराने की कई कोशिशें हुई हैं। लेकिन ये कोशिशें बार-बार कुछ ही घंटों में विफल हो गईं। दोनों देश एक-दूसरे पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते रहे हैं।
ट्रंप ने जेलेंस्की से क्या कहा?
ट्रंप ने समझौते के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी। लेकिन यह दावा ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले उन्होंने जेलेंस्की से रूस की तेल रिफाइनरी पर हमले रोकने को कहा था। उन्होंने रूस के डीजल बनाने और उसे पहुंचाने में इस्तेमाल होने वाले दूसरे ढांचे पर हमले रोकने की भी अपील की थी। ट्रंप का कहना था कि इन हमलों से दुनिया में डीजल की कमी बढ़ रही है।
डीजल की कीमत क्यों बढ़ी?
अमेरिका में डीजल की कीमत काफी बढ़ गई है। ईरान युद्ध की वजह से ईंधन भी महंगा हुआ है। बढ़ती ईंधन कीमतें ट्रंप की पार्टी के लिए आने वाले कांग्रेस चुनाव में बड़ी चिंता बन गई हैं।
ये भी पढ़ें: जेलेंस्की ने मानी अमेरिका की बात: ट्रंप का दावा- रूस के ऊर्जा ठिकानों पर नहीं होगा हमला, ईरान पर क्या कहा?
ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को क्यों बताया जिम्मेदार?
ट्रंप ने दावा किया कि दुनिया में डीजल की बढ़ती कीमत की मुख्य वजह रूस-यूक्रेन युद्ध है। उन्होंने कहा कि इसके लिए ईरान जिम्मेदार नहीं है। हालांकि, तेल की आपूर्ति में आई रुकावट भी ऊर्जा बाजार पर दबाव डाल रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही धीमी हुई है। रूस में रिफाइनरी प्रणाली को भी नुकसान पहुंचा है।
जेलेंस्की ने क्या प्रस्ताव दिया?
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने अपने सहयोगी देशों से रूस के साथ युद्धविराम समझौता कराने में मदद करने को कहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पहले भी ऐसा प्रस्ताव दे चुका है।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की ऊर्जा सुविधाओं पर हर दिन हमले हो रहे हैं। बंदरगाहों का ढांचा और सामान पहुंचाने वाली व्यवस्था भी निशाना बन रही है। खाने और दवाइयों के गोदाम भी हमलों की चपेट में आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होना चाहिए। जेलेंस्की के मुताबिक, जरूरी बुनियादी ढांचे पर हमले कम करना शांति की दिशा में पहला कदम हो सकता है। जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें अपने सहयोगी देशों से ठोस प्रस्ताव की उम्मीद है।

