बिहार के दरभंगा जिले के तीन अलग इलाकों से तीन लड़कियों के मामले को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से ‘द केरल स्टोरी 2 जैसी तीन बिहारी लड़कियां; एक जिले की नाबालिग लड़कियों के साथ जो हुआ, वह चेतावनी’ शीर्षक से उठाया था। इस मामले पर राज्य पुलिस मुख्यालय ने भी संज्ञान लिया और ‘अमर उजाला’ को बिंदुवार तरीके से की गई पुलिस कार्रवाई के विषय में जानकारी दी है। लेकिन, उससे भी बड़ी बात यह रही कि खबर के प्रकाशन के अगले दिन ही अब तक पहुंच से दूर रही एक लड़की बरामद कर ली गई। कोर्ट में बयान हो गया। मंगलवार को मेडिकल जांच की आधी प्रक्रिया हुई। शेष आज, बुधवार को दरभंगा में हो रही है। इसके बाद परिजनों को सुपुर्द की जाएगी।


चार महीने से गायब थी, खबर के बाद बरामद
कमतौल थाना कांड संख्या 29/26 में यादव समाज की एक लड़की चार महीने से गायब थी। कथित प्रेमी उसे धर्म बदलने के लिए कह रहा था। धर्म नहीं बदलने पर परिवार को सोशल मीडिया से धमकी मिल रही थी। पुलिस कुर्की तक कर चुकी थी, लेकिन न तो कथित प्रेमी पकड़ में आ रहा था और न लड़की बरामद हो रही थी। रविवार 19 अप्रैल को ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर के बाद सोमवार को पुलिस ने जानकारी दी कि चार महीने से गायब लड़की को बरामद कर लिया गया है। दरभंगा सदर डीएसपी-2 शुभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि लड़की को बरामद कर सोमवार को कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया गया। मंगलवार को लड़की की मेडिकल जांच कराई गई। पूरी प्रक्रिया बुधवार को खत्म होगी, जिसके बाद परिजनों को लड़की सुपुर्द कर दी जाएगी। मामले में आरोपी मो. सितारे के पिता मो. जवाहर और भाई अनवर को करीब एक सप्ताह पहले गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और उसके घर की कुर्की-जब्ती भी कर ली गई है। अब पुलिस का दावा है कि लड़की से पूछताछ की जा रही है और शीघ्र ही आरोपी मो. सितारे को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बेचने वाले पकड़ से दूर, कॉल पर जुड़े रिश्तेदार को पकड़ा
‘अमर उजाला’ ने अपनी एक खबर में एक ऐसी लड़की का मामला भी सामने लाया था, जो साजिश का शिकार होकर बिकते हुए पश्चिम बंगाल के वेश्यालय तक पहुंच गई थी। पश्चिम बंगाल पुलिस ने उसे बरामद किया और बिहार में उसके घर भेजा। उसके बाद बिहार पुलिस ने उससे बातचीत कर जांच की और लड़की के एक रिश्तेदार को नेटवर्क का पहला आदमी माना, हालांकि इससे संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिला है। लड़की और भगा ले जाने वाली स्वजातीय लड़की की बातचीत का प्रमाण मिलने के आधार पर दरभंगा के भालपट्टी थाना कांड संख्या 06/25 में पुलिस ने लड़कियों के कॉमन रिश्तेदार रौशन मंडल के खिलाफ आरोप पत्र समर्पित कर दिया है। घटना के दिन भी पीड़िता लड़की ने एक टेम्पो चालक के मोबाइल से रौशन मंडल को फोन किया था। इसके अतिरिक्त पुलिस को ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि रौशन ने ही दोनों लड़कियों का अपहरण करके उन्हें मानव तस्करी के लिए बेच दिया। दूसरी ओर, गायब होने के समय ‘भगा ले जाने की नामजद आरोपी’ रीता को ही पुलिस भी अब आरोपी मान चुकी है। पुलिस उसे आरोपी मानते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है, हालांकि वह अब तक बरामद या गिरफ्तार नहीं हुई है। बिहार से बंगाल तक लड़की की खरीद-बिक्री करने वालों में पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार दो लोगों को रिमांड पर लेने की दिशा में पुलिस कार्यवाही कर रही है।
यह भी पढ़ें : द केरल स्टोरी 2 जैसी तीन बिहारी लड़कियां; एक जिले की नाबालिग लड़कियों के साथ जो हुआ, वह चेतावनी
पुलिस दर्ज प्राथमिकी के अनुसार दूसरी लापता किशोरी को आरोपित मानकर उसकी बरामदगी हेतु पूरक अनुसंधान जारी रखने की बात कह रही है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने अपने राज्य में जो करना था, कर लिया; अब बिहार पुलिस के सक्रिय होकर अंजाम तक केस को पहुंचाने का इंतजार है। भगा ले जाने की कथित आरोपी किशोरी का सुराग बिहार पुलिस को अब तक नहीं मिला है। पश्चिम बंगाल से बरामद किशोरी को दरभंगा से मुजफ्फरपुर, फिर वहां से मोतिहारी पहुंचाने वाले दो अज्ञात युवक और तीन युवतियों सहित पूर्णिया के सैफुद्दीन के हाथ 70 हजार रुपये में बेचने वाली महिला को भी पुलिस नहीं खोज सकी है। पश्चिम बंगाल के रेड लाइट एरिया से बरामद किशोरी 16 अक्टूबर 2025 को अपने घर पहुंची। बड़ा सवाल है कि इसके बाद यदि पुलिस ने कोई कार्रवाई की है, तो उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर बयान कलमबद्ध कराना चाहिए था।
हत्या तक बचा रहा था आरोपी अब जेल में
राज्य पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कुशेश्वरस्थान थाना कांड संख्या 108/26 में पुलिस ने आरोपी मो. उजाला सहित चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में दरभंगा पुलिस ने लड़की की मौत के बाद मुख्य आरोपी और मृतका से शादी रचाने वाले मोहम्मद उजाला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लड़की के पिता ने उसके गायब होने के एक दिन बाद 14 जनवरी को कुशेश्वरस्थान थाना में आवेदन देकर बेटी की बरामदगी की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। फिर करीब डेढ़ महीने दोनों (प्रेमी-प्रेमिका) के साथ रहने और इस दरम्यान धर्म परिवर्तन करने के दबाव की जानकारी लड़की के परिजनों को भी थी, लेकिन इस दौरान पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब लड़की का शव आरोपी मो. उजाला के घर से बरामद हुआ, तब जाकर पुलिस ने 13 अप्रैल को आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस इस मामले में कथित प्रेमी के तीन परिजनों समेत चार नामजद को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी करने की बात कह रही है।
(इनपुट: रितेश सिन्हा, दरभंगा)