बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को सरकारी आवास को खाली कराने के लिए पटना पुलिस की टीम पहुंच गई है। शनिवार शाम को सचिवालय डीएसपी डॉ. अनु राबड़ी आवास पहुंचीं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने आवास खाली करने से जुड़े मामले पर बातचीत की और विभागीय निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने फिर से राबड़ी देवी को भवन निर्माण विभाग का नोटिस दिया। इसमें लिखा हुआ अब यह आवास मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। इसलिए जल्द से जल्द इस बंगले को खाली करें।


यह कार्रवाई तब की गई है जब पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि सम्राट चौधरी अपने पुलिस फोर्स को बुलाकर बंगला खाली करवा लें, लेकिन मैं अपना आवास खाली नहीं करूंगी। उनके इस बयान के बाद सियासी घमासान मच गया। राबड़ी देवी की चुनौती के महज कुछ घंटों बाद आवास खाली कराने के लिए पुलिस पहुंच गई।
भवन निर्माण विभाग ने क्या कहा?
भवन निर्माण विभाग की ओर से बताया गया कि 25 नवंबर 2025 को विधान परिषद् में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राबड़ी देवी को दूसरा सरकारी आवास नया, 39 हार्डिंग रोड में आवंटित कर दिया था। सर्कुलर रोड स्थित बंगला संख्या-10 को मंत्री नंद किशोर राम के नाम आवंटित किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि नए आवंटन के बावजूद बंगला अब तक खाली नहीं किया गया है। इसी को लेकर भवन निर्माण विभाग की ओर से राबड़ी देवी को तीन बार नोटिस भेजा जा चुका है। लेकिन, अब तक उन्होंने आवास खाली नहीं किया है।
जानिए राजद ने क्या कहा?
इस मामले पर सियासत गरमा गई है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि राबड़ी देवी के साथ लालू प्रसाद भी 10 सर्कुलर रोड आवास में रहते हैं। दोनों पूर्व मुख्यमंत्री हैं। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता की हनक दिखाना चाहती हैं। राबड़ी देवी को अपमानित करने के लिए बंगला दूसरे मंत्री को आवंटित किया गया है। यह ओछी राजनीति है। वहीं प्रवक्ता एजाज ने कहा कि यह लालू प्रसाद के परिवार को झुकाने की राजनीति चल रही है। सबको पता है राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो हेल्थ चेकअप के लिए सिंगापुर गए हैं। इसके बावजूद भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी मानवीय संवेदना खो चुकी है। राबड़ी देवी इस आवास में पिछले 20 साल से रह रही हैं। लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव भी यहीं रहते हैं। इसके बावजूद सरकार ने आज आवास पर पुलिस भेजी। यह अन्याय है।
सरकारी बंगला किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं
बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष सह भाजपा नेता अरविंद कुमार सिंह ने राजद और लालू परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाने की मानसिकता लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद में आज भी परिवार का आदेश ही अंतिम सत्य माना जाता है। सरकारी बंगला किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं होता। यह सुविधा केवल पद और दायित्व के आधार पर दी जाती है। जब कोई व्यक्ति पद पर नहीं रहता, तो उसे निर्धारित नियमों के तहत आवास खाली करना पड़ता है।
