जिले के जानियाना गांव में कथित लूट और मारपीट की घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने बालोतरा-समदड़ी मार्ग पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई। करीब 45 मिनट तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार जानियाना निवासी सुखदेव चौधरी अपनी पत्नी और पुत्र के साथ सुबह घर से निकले थे। इसी दौरान गांव के कुछ युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने पहले उनके साथ मारपीट की, कपड़े फाड़ दिए और फिर गले में पहनी सोने की चेन छीनकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद परिवार के लोगों और ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया। वारदात की खबर गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए हाईवे पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर झाड़ियां, पत्थर और अन्य अवरोधक डालकर यातायात रोक दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। उनका आरोप था कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। निजी वाहनों, बसों और मालवाहक ट्रकों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा जबकि कई वाहन चालक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे।
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हाईवे जाम की सूचना मिलते ही पचपदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत शुरू की और उन्हें शांत करने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। इस दौरान पचपदरा डीएसपी योगेश चौधरी भी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।
घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने भी मामले को गंभीरता से लिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनके हस्तक्षेप के बाद भी ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण शांत हुए। करीब 45 मिनट तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद सड़क से अवरोध हटाए गए और यातायात को पुनः सुचारू किया गया। इसके बाद हाईवे पर फंसे वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।
पुलिस ने पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बहाल किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


