
AI Job News: AI ने नौकरी की दुनिया में बड़ा बदलाव किया है. कंपनियां तेजी से AI और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल ज्यादा कर रही हैं.लेकिन अब AI के जगह में काम करने वाले कर्मचारियों को भी नौकरी जाने की परेशानी सताने लगी है. AI और मशीन लर्निंग से जुड़े 66% कर्मचारियों को डर है कि अगले 3 से 6 महीनों में उनकी टीम में छंटनी हो सकती है या कर्मचारियों की संख्या कम की जा सकती है.
ये सर्वे प्रोफेशनल कम्युनिटी ऐप Blind ने किया है. जुलाई 2026 में भारत में काम करने वाले 1,552 कर्मचारियों से उनकी नौकरी की सेफ्टी को लेकर सवाल पूछे गए. सर्वे में सामने आया कि AI के जगह में काम करने वाले लोगों को भी नौकरी जाने का डर उतना ही है, जितना उन जगहों के कर्मचारियों को है जिन्हें AI से ज्यादा इफेक्ट होने वाला माना जाता है.
सेल्स और मार्केटिंग में सबसे ज्यादा डर
सर्वे के मुताबिक, सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े 68% कर्मचारियों को अगले 3 से 6 महीनों में छंटनी या कर्मचारियों की संख्या घटने का डर है.इसके बाद AI और मशीन लर्निंग का नंबर आता है, जहां 66% कर्मचारियों ने ऐसी परेशानी जताई. वहीं प्रोडक्ट और डिजाइन से जुड़े 65% कर्मचारियों को भी नौकरी में कटौती का डर है.
इंजीनियरों में डर थोड़ा कम
सर्वे में इंजीनियरिंग से जुड़े कर्मचारियों की हालत थोड़ी अलग रही. सिर्फ 24% इंजीनियरों ने कहा कि उनकी टीम में कर्मचारियों की संख्या घटने की संभावना बहुत ज्यादा है.ये सभी जगह में सबसे कम आंकड़ा रहा.
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लेकिन, इसका मतलब ये नहीं है कि इंजीनियर पूरी तरह सेफ हैं.इंजीनियरों में कुल नौकरी के जोखिम को लेकर परेशानी करीब 58% रही. वहीं डेटा और एनालिटिक्स में ये आंकड़ा करीब 51% रहा. इससे पता चलता है कि AI से जुड़े जगहों में काम करने वाले सभी कर्मचारी खुद को अनसेफ नहीं मानते.
इन कंपनियों के कर्मचारियों को ज्यादा परेशानी
कंपनी के हिसाब से भी नौकरी जाने के डर में काफी अंतर देखने को मिला. सेल्सफोर्स में 81% और ओरेकल में 80% कर्मचारियों ने नौकरी में कटौती की डर जताई. वहीं Uber में 77% और PayPal में 75% कर्मचारियों को ऐसा डर है. दूसरी ओर, Zoho में सिर्फ 9% कर्मचारियों ने छंटनी को लेकर चिंता जताई. वहीं Freshworks में ये आंकड़ा 44% रहा.
छंटनी से पहले मिलते हैं ये संकेत
कर्मचारियों को छंटनी का डर सिर्फ ऐलान के बाद नहीं होता.कई बार कंपनी में पहले से कुछ बदलाव दिखाई देने लगते हैं. सर्वे में 27% कर्मचारियों ने नई भर्तियां रोकने यानी हायरिंग फ्रीज को बड़ा संकेत बताया. 24% लोगों ने बजट या कर्मचारियों की संख्या से जुड़े मकसद में कटौती को जरूरी माना है. वहीं सिर्फ 9% कर्मचारियों ने छंटनी की आधिकारिक ऐलान को संकेत बताया.
AI के दौर में कैसे बचाएं नौकरी?
सर्वे से साफ है कि सिर्फ AI या किसी एक तकनीकी जगह में काम करना नौकरी की गारंटी नहीं है. कर्मचारियों को अपनी मौजूदा स्किल के साथ नई तकनीक सीखते रहना जरूरी है.खासकर AI और ऑटोमेशन का इस्तेमाल अपने काम को बेहतर और तेज बनाने के लिए कैसे किया जाए, ये समझना फायदेमंद हो सकता है.
लेकिन, इस एक सर्वे के आधार पर ये कहना सही नहीं होगा कि AI या इंजीनियरिंग की नौकरियां पूरी तरह सेफ या अनसेफ हैं. सर्वे मुख्य रूप से कर्मचारियों की सोच और नौकरी को लेकर उनकी परेशानी को दिखाता है.आने वाले समय में AI नौकरियां खत्म करने के बजाय उनके काम करने के तरीके को ज्यादा बदल सकता है. ऐसे में नई तकनीक के साथ खुद को अपडेट रखने वाले प्रोफेशनल्स के लिए मौके बने रह सकते हैं.
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