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बांग्लादेश का सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास बड़ा प्रोजेक्ट, चीन के साथ मिल बनाएगा ड्रोन

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बांग्लादेश अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा रहा है. तुर्किए के साथ मिलकर बोगुरा में ड्रोन बनाने की फैक्ट्री लगाने की योजना सामने आई है. बोगुरा सिलिगुड़ी कॉरिडोर से करीब 100 से 200 किलोमीटर के दायरे में है. बांग्लादेश के एक राज्य मंत्री ने जुलाई 2026 में बताया था कि तुर्किए के सहयोग से संयुक्त ड्रोन फैक्ट्री बोगुरा एयर बेस के पास बनाई जाएगी. इसी इलाके में एक नए एयरफोर्स बेस और एयरपोर्ट को अपग्रेड करने की योजना भी है.

बांग्लादेश के राज्य मंत्री मीर शाहे आलम के मुताबिक, तुर्की के साथ संयुक्त उद्यम के तहत ड्रोन बनाने की फैक्ट्री लगाई जाएगी. शुरुआत में तुर्की की मदद से बांग्लादेश में ड्रोन के अलग-अलग हिस्से बनाए जाने की योजना है. इसके बाद तकनीक और प्रशिक्षण के जरिए बड़े सैन्य ड्रोन बनाने की क्षमता विकसित करने की बात कही गई है.

25,000 करोड़ रुपये का निवेश

इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 25,000 करोड़ रुपये के निवेश और भविष्य में इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों को निर्यात की योजना का दावा किया गया है. हालांकि, इस निवेश राशि और निर्यात योजना की स्वतंत्र सरकारी पुष्टि अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है. इसलिए इसे फिलहाल रिपोर्टों में सामने आया अनुमान या दावा ही माना जाना चाहिए.

तुर्किए के TB2 ड्रोन से बढ़ा सहयोग

बांग्लादेश पहले से तुर्किए के बायरक्तार TB2 ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है. बांग्लादेश के पास 12 TB2 ड्रोन हैं. इनमें से कुछ 2023 से ऑपरेशनल बताए गए हैं. बांग्लादेश ने तुर्किए की कंपनी रॉकेटसन से TRG-300 Kaplan गाइडेड रॉकेट सिस्टम भी लिया है. बोगुरा में फैक्ट्री लगने से बांग्लादेश की कोशिश सिर्फ विदेशी हथियार खरीदने तक सीमित नहीं रहेगी. स्थानीय स्तर पर ड्रोन के हिस्से और आगे चलकर पूरे सिस्टम बनाने की क्षमता विकसित करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण हो सकता है.

बोगुरा की लोकेशन भारत के लिए क्यों अहम?

बोगुरा बांग्लादेश के उत्तरी हिस्से में स्थित है. यहां प्रस्तावित ड्रोन फैक्ट्री एक एयरफोर्स बेस और अपग्रेड किए जा रहे एयरपोर्ट के पास होगी. इंडिया टुडे ने इस प्रोजेक्ट को भारत के पूर्वोत्तर और खासकर रणनीतिक सिलिगुड़ी कॉरिडोर के नजरिए से महत्वपूर्ण बताया है.

 

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