Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में बुधवार (15 अप्रैल 2026) को 4.6 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. यह तीन दिन दूसरी बार है, जब अफगानिस्तान में भूकंप का सिलसिला जारी है. इससे पहले 12 अप्रैल को 4.6 तीव्रता से भूकंप आया था.
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, बुधवार को अफगानिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया. यह भूकंप 140 किलोमीटर की गहराई पर आया. इससे पहले 12 अप्रैल को अफगानिस्तान में 150 किलोमीटर की गहराई पर 4.6 तीव्रता का भूकंप आया था.
भारत सरकार ने अफगानिस्तान में पहुंचाई थी मानवीय मदद
6 अप्रैल को विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि भारत ने बाढ़ और भूकंप से प्रभावित अफगानिस्तान की मदद के लिए मानवीय सहायता पहुंचाई है. एक्स पर पोस्ट करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया था कि भारत ने मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री पहुंचाई. इसमें किचन सेट, हाइजीन किट, प्लास्टिक शीट, तिरपाल, स्लीपिंग बैग और अन्य सामान शामिल थे.
उन्होंने कहा था कि भारत अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है. इस मुश्किल समय में मानवीय सहायता और समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है.
अफगानिस्तान में प्राकृतिक आपदाओं से मरने वालों के आंकड़े
टोलो न्यूज के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि अफगानिस्तान के 25 प्रांतों में प्राकृतिक आपदाओं से मरने वालों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है. पिछले दो दिनों में 52 लोग घायल हुए हैं. रेड क्रॉस के मुताबिक, अफगानिस्तान में अक्सर भूकंप आते रहते हैं. यहां का हिंदू कुश इलाका एक अत्याधिक भूकंप का सक्रिय केंद्र है.
अफगानिस्तान में अक्सर क्यों आते हैं भूकंप
अफगानिस्तान में भूकंप का खतरा बना रहता है. इसकी वजह भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव है. इसके अलावा अफगानिस्तान की जियोग्रोफिकल स्थिति भी बड़ा कारण है. यहां के हेरात इलाके से एक बड़ी फॉल्ट लाइन गुजरती है. UNOCHA की मानें तो अफगानिस्तान प्राकृतिक आपदाओं के लिए एक बेहद ही संवेदनशील इलाका है. यहां भूकंप, मौसमी आपदाएं और बाढ़ का खतरा बना रहता है.
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