लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Explained: ग्रूमिंग गैंग्स को 188 साल की जेल! 13 साल की बच्ची से 700 बार रेप, प्राइवेट पार्ट में बियर बोटल फोड़ी, 1400 बच्चियों से हैवानियत

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

ब्रिटेन की एक अदालत ने आज यानी 4 जून 2026 को 15 लोगों को कुल 188 साल की जेल की सजा सुनाई. यह सजा बच्चियों के यौन शोषण के मामले में दी गई, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया. अदालत में एक पीड़िता ने कहा कि ‘मेरा बचपन छीन लिया गया.’ इसी दिन ब्रिटेन की संसद में भी ग्रूमिंग गैंग पीड़िताओं की दिल दहलाने वाली गवाहियां पढ़ी गईं, जिसमें खुलासा हुआ कि एक बच्ची से 13 से 16 साल की उम्र के बीच 700 से ज्यादा लोगों ने रेप किया. दूसरी को कुत्तों के पिंजरे में बंद कर जानवर के साथ सेक्स पर मजबूर किया. सबसे बड़ी बात यह है कि ज्यादातर आरोपी पाकिस्तानी मूल के हैं और यह कहलाते हैं ग्रूमिंग गैंग्स…

कोर्ट का फैसला और 188 साल की ऐतिहासिक सजा

रॉदरहैम की एक अदालत ने ऑपरेशन स्टोववुड के तहत 15 लोगों को बाल यौन शोषण के जुर्म में सजा सुनाई. ये सभी दोषी ब्रिटिश पाकिस्तानी समुदाय से थे और इन्होंने 13 से 16 साल की कम उम्र की सफेद ब्रिटिश लड़कियों को सालों तक अपनी हवस का शिकार बनाया. अदालत में जब पीड़िताओं के बयान पढ़े गए तो पूरा कोर्ट रूम सन्न रह गया. यह मामला साउथ यॉर्कशायर पुलिस के ऑपरेशन स्टोववुड का हिस्सा था, जिसने रॉदरहैम और आसपास के इलाकों में 1990 के दशक के आखिर से लेकर 2010 तक चले ग्रूमिंग गैंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया.

क्या होती हैं ‘ग्रूमिंग गैंग्स’?

‘ग्रूमिंग’ एक तरह का मानसिक और भावनात्मक अपराध है. इस शब्द का इस्तेमाल ब्रिटेन में उन संगठित गिरोहों के लिए किया जाता है, जो बच्चों और किशोरियों को:

  • पहले प्यार, दोस्ती, पैसे या नशीले पदार्थों का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं.
  • फिर उन्हें धमकाकर, अगवा करके या नशीले पदार्थ देकर उनपर काबू कर लेते हैं.
  • एक बार जब लड़की इन पर भरोसा करने लगती है, तब ये लोग उसे परिवार और रिश्तेदारों से अलग-थलग कर देते हैं और अपने कब्जे में ले लेते हैं.
  • इसके बाद इन मासूमों के साथ गैंगरेप किया जाता है और कई बार उनकी ‘तस्करी’ भी कर दी जाती है.

कई मामलों में तो पीड़िताओं के साथ जानवरों से अश्लील हरकतें करवाई गईं ताकि वो इतनी टूट जाएं कि कभी किसी से शिकायत न कर सकें. ब्रिटेन में रॉदरहैम, रॉशडेल, टेलफोर्ड, ऑक्सफोर्ड और ब्रिस्टल जैसे शहरों में पिछले दो दशकों से ऐसे गैंग एक्टिव रहे हैं और हजारों मासूम बच्चियों की जिंदगी बर्बाद कर चुके हैं.

इन गैंग्स की पहचान यह है कि ये अकेले नहीं, बल्कि एक समूह के तौर पर लंबे समय तक इस हैवानियत को अंजाम देते हैं. इस अपराध के लिए कोई छोटी उम्र नहीं होती.

वो दिल दहला देने वाली गवाहियां और पीड़िताओं की आपबीती

रूपर्ट लोव ने संसद में कई पीड़िताओं की वो गवाहियां पढ़ीं, जिनमें इंसानियत शर्मसार हो गई. कुछ सबसे चौंकाने वाले किस्से ये रहे:

  • एक पीड़िता ने बताया कि वह सिर्फ 13 साल की उम्र से लेकर 16 साल की उम्र के बीच 600 से 700 अलग-अलग पुरुषों का शिकार बनी. यानी उसके साथ सिर्फ तीन सालों में करीब 700 लोगों ने रेप किया. यह लड़की बताती है कि उसे रोज नए शहर ले जाया जाता था, वहां पहले से मौजूद लोगों की लाइन लगी होती थी और एक-एक करके सब उसके साथ बलात्कार करते थे
  • एक और पीड़िती ने बताया कि उसे और करीब 15-20 लड़कियों को कुत्तों के पिंजरों में बंद करके रखा जाता था. एक पीड़िता से जबरदस्ती उसके कमरे में कुत्तों को भर दिया गया और दांव लगाए गए कि क्या वे उसके साथ रेप कर सकते हैं. उसने कहा, ‘हां, मेरे साथ एक कुत्ते ने रेप किया था.’
  • एक लड़की ने बताया कि जब वह लगभग 12-13 साल की थी, तो उसके साथ रेप करने के बाद, एक आरोपी ने विस्की की खाली बोतल उसके प्राइवेट पार्ट के अंदर जबरदस्ती डाल दी और उसे तोड़ दिया. शीशा अंदर ही रह गया.
  • पीड़िताओं के साथ अत्याचार करते वक्त उनके क्रॉस (धार्मिक चिन्ह) का मजाक उड़ाया जाता था. एक पीड़िता के मुताबिक, सफेद ईसाई लड़कियों को ‘कम मूल्य’ और ‘छिछली नैतिकता’ वाला बताया जाता था.

मामले की जड़: जब सरकारें और पुलिस चुप रहीं

ये सिर्फ कुछ गिरोहों की हैवानियत का किस्सा नहीं है. ये पूरे सिस्टम की नाकामी की कहानी है:

  • रदरहम (Rotherham) की दास्तां: 2014 में प्रोफेसर एलेक्सिस जे की रिपोर्ट ने बताया कि 1997 से 2013 के बीच रदरहम शहर में 1400 से ज्यादा बच्चों के साथ इसी तरह का शोषण हुआ था. उनमें से कुछ तो सिर्फ 11 साल के थे. सबसे दर्दनाक बात यह थी कि पुलिस, बाल गृहों और स्थानीय अधिकारियों को इसकी जानकारी थी, फिर भी उन्होंने इसे दबाया और पीड़ितों को ‘वेश्या’ का तमगा दे दिया.
  • रोचडेल (Rochdale) से सबक: 2012 में नौ दक्षिण एशियाई मूल के पुरुषों को 13 साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के आरोप में सजा हुई थी. 2025 में इसी रोचडेल में एक और मामले में सात लोगों को दो स्कूली छात्राओं का ‘सेक्स स्लेव’ बनाने के लिए कुल 174 साल की सजा हुई है.

केसी रिपोर्ट और सरकार की नींद

जनवरी 2025 में ब्रिटेन की सरकार ने लुईस केसी को इस पर एक राष्ट्रीय ऑडिट करने को कहा. जून 2025 में आई केसी की रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले तथ्य रखे:

  • डाटा का अभाव: रिपोर्ट ने साफ कहा कि ब्रिटेन के पास इस अपराध का कोई सही आंकड़ा नहीं है क्योंकि दो-तिहाई मामलों में आरोपियों की जातीयता रिकॉर्ड ही नहीं की गई.
  • प्रतिनिधित्व से अधिक: केसी ने कहा कि ग्रेटर मैनचेस्टर, साउथ यॉर्कशर और वेस्ट यॉर्कशर के पुलिस डाटा से साफ है कि ग्रुप सेक्शुअल एक्सप्लॉयटेशन के मामलों में एशियाई और पाकिस्तानी मूल के लोगों की संख्या ज्यादा है.

पाकिस्तानी मूल के आरोपियों पर क्यों उठते हैं सवाल?

जब भी ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग की बात होती है, तो यह सवाल जरूर उठता है कि ज्यादातर आरोपी पाकिस्तानी क्यों होते हैं. इस पर ब्रिटेन का समाज और राजनीति बुरी तरह बंटा हुआ है. एक तरफ पीड़ित परिवार और कुछ सांसद खुलकर कहते हैं कि इन अपराधियों ने सफेद ब्रिटिश लड़कियों को इसलिए टारगेट किया क्योंकि ये लोग उन्हें ‘नाचीज’ समझते थे. कई दोषियों ने पूछताछ में माना कि वो सफेद लड़कियों को बस इस्तेमाल करने की चीज मानते थे.

दूसरी तरफ, मुस्लिम संगठनों और कुछ नेताओं का कहना है कि पूरे समुदाय को बदनाम करना गलत है और इस मुद्दे को दक्षिणपंथी पार्टियां अपने नस्ली एजेंडे के लिए भुनाती हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि रॉदरहैम, रॉशडेल और टेलफोर्ड जैसे शहरों में पिछले 25 सालों में जितने भी बड़े ग्रूमिंग गैंग केस सामने आए, उनमें से ज्यादातर में आरोपी पाकिस्तानी थे. इसी वजह से ब्रिटेन के पीड़ित परिवार और कई सांसद लगातार मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की नेशनल पब्लिक इंक्वायरी हो और अपराधियों के खिलाफ बिना किसी डर के कड़ी कार्रवाई की जाए.

अब जबकि यह मामला एक बार फिर पूरी दुनिया की सुर्खियों में है, ब्रिटेन सरकार ने सख्त कदम उठाने की बात कही है. ब्रिटेन सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी एक घोषणा के मुताबिक, ग्रूमिंग गैंग और चाइल्ड सेक्स एब्यूज से निपटने के लिए रिकॉर्ड फंडिंग को मंजूरी दी गई है. इस फंड का इस्तेमाल पीड़िताओं की काउंसिलिंग, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाने और मुकदमों की प्रक्रिया तेज करने पर किया जाएगा.

]
Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

पाकिस्तान की ईरान से गद्दारी, इशाक डार ने दी यूएस को सीक्रेट जानकारी? अब आया शहबाज सरकार का बयान

रूस के साथ युद्ध में जान गंवाने वाले 707 यूक्रेनी बच्चों को जेलेंस्की ने दी श्रद्धांजलि

Vladimir Putin on india Russia relations: ‘पीएम मोदी झुकेंगे नहीं’, अमेरिकी दबाव पर पुतिन ने ट्रंप को लगाई लताड़, कहा- भारत आज वर्ल्ड पावरफुल

हाथ में कप और आंखों में आंसू… किम जोंग उन को देखते ही क्यों रोने लगीं महिला फुटबॉल खिलाड़ी, वीडियो वायरल

पाकिस्तान संग दोस्ती का तुर्किए ने किया खुल्लम खुल्ला ऐलान, बोला- ‘भारत नाराज है तो…’

इजरायल-लेबनान के बीच हो गया सीजफायर! ट्रंप ने नेतन्याहू को मनाया, जानें किस शर्त पर हुए राजी

Leave a Comment