अफगानिस्तान में बुधवार देर रात 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप रात 11:27 बजे (भारतीय समय) दर्ज किया गया। इसका केंद्र अफगानिस्तान में 36.443 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 70.391 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। भूकंप की गहराई 173 किलोमीटर मापी गई। फिलहाल भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान या किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
EQ of M: 5.5, On: 01/07/2026 23:27:00 IST, Lat: 36.443 N, Long: 70.391 E, Depth: 173 Km, Location: Afghanistan.
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— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) July 1, 2026
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अफगानिस्तान में अक्सर क्यों आते हैं भूकंप?
अफगानिस्तान में अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह देश का हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक माना जाता है। यह इलाका भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव वाले क्षेत्र में स्थित है। इसके अलावा, देश के कई हिस्सों, खासकर हेरात क्षेत्र से एक प्रमुख भू-गर्भीय फॉल्ट लाइन भी गुजरती है।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (UNOCHA) के अनुसार, अफगानिस्तान भूकंप, भूस्खलन और मौसमी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील देश है। लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष और सीमित विकास के कारण यहां के लोगों के लिए बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से उबरना काफी मुश्किल हो जाता है।
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वेनेजुएला भूकंप में 2200 मौतें, राहत-बचाव अभियान जारी
उधर, पिछले सप्ताह आए भीषण भूकंप के बाद वेनेजुएला में राहत और बचाव अभियान जारी है। वहां आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 2200 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मृतकों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। राहत एजेंसियां मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन ईंधन की कमी जैसी समस्याएं बचाव कार्यों में बाधा बन रही हैं।

