देश में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी शिक्षा प्रणाली की जरूरत है, जो युवाओं में विश्वास पैदा करे, योग्यता को सम्मान दे और जिज्ञासा को बढ़ावा दे।

बिंद्रा ने किया ट्वीट
हालांकि बिंद्रा ने नीट विवाद या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर चल रहे आंदोलन पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उन्होंने शिक्षा को राजनीति से ऊपर का विषय बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बिंद्रा ने लिखा, ‘मैंने कभी खुद को राजनीतिक व्यक्ति नहीं माना। लेकिन मेरा मानना है कि कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं, जो हम सभी के हैं, चाहे हमारी राजनीतिक सोच कुछ भी हो। शिक्षा ऐसा ही एक विषय है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘किसी भी राष्ट्र की पहचान केवल उसकी अर्थव्यवस्था या उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह अपने युवाओं के लिए कितने अवसर पैदा करता है। ऐसी शिक्षा व्यवस्था, जो विश्वास जगाए, प्रतिभा को सम्मान दे और जिज्ञासा को प्रोत्साहित करे, किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होती है।’ बिंद्रा ने सभी पक्षों से मिलकर शिक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर, नवाचार और उम्मीद का मजबूत आधार बनी रहनी चाहिए।
नीट को लेकर जारी है आंदोलन
देशभर में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी कर रही है, जबकि पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अनशन के जरिए आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।अनशन के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर वांगचुक को पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी पत्नी की याचिका पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। गौरतलब है कि 20 जुलाई को हजारों छात्रों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया था।

