पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान की बातचीत (US Iran Peace Talks in Pakistan) फेल होने के बाद एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. तुर्किए मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक शांति वार्ता के दौरान ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची और मिडिल ईस्ट मामलों में डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.
तुर्किए मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों नेताओं के बीच बहस इतनी तीखी हो गई थी कि लगभग हाथापाई की नौबत आ गई थी, किसी तरह दोनों को समझाकर बीच बचाव कराया गया.
होर्मुज स्ट्रेट बना विवाद का मुख्य कारण
रिपोर्ट के मुताबिक, विटकॉफ और अराघची के बीच विवाद का मुख्य मुद्दा होर्मुज स्ट्रेट बना. दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग के कंट्रोल और उस पर शासन को लेकर दोनों में तीखा मतभेद देखने को मिला. दावे के मुताबिक बातचीत के दौरान माहौल अचानक इतना गर्म हो गया कि दोनों पक्ष एक दूसरे पर तीखे शब्दों का इस्तेमाल करने लगे. कथित तौर पर ईरानी पक्ष ने सख्त लहजे में कहा कि ईरानियों को किसी तरह की धमकी न दी जाए, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया.
ईरान ने तुर्किए मीडिया की रिपोर्ट को किया खारिज
हालांकि, इस घटना को लेकर अभी तक किसी भी आधिकारिक अमेरिकी स्रोत ने पुष्टि नहीं की है. विशेषज्ञों का मानना है कि कूटनीतिक बातचीत के दौरान तनावपूर्ण बहस आम होती है. वहीं दूसरी ओर तुर्किए मीडिया की रिपोर्ट को ईरान ने खारिज कर दिया है. ईरानी मीडिया ने कहा कि ये सब मनगढ़ंत कहानी है.
ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी
ऐसे में अब दुनिया को फिर से जंग शुरू होने का डर सता रहा है. पाकिस्तान में बातचीत विफल होने के बाद अगर अब अमेरिका और ईरान में सीजफायर भी टूटता है तो फिर से युद्ध शुरू होने की संभावना है. डोनाल्ड ट्रंप ने इसी बीच ईरान को फिर से स्टोन एज (पाषाण युग) में भेजने की धमकी दी है.
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