लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

अमेरिका-ईरान के बीच नहीं बनी बात तो पाकिस्तान का बढ़ जाएगा सिरदर्द! चुकानी पड़ सकती है भारी कीमत

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है. इस बातचीत का नेतृत्व क्रमशः अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और ईरानी संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ कर रहे हैं. पाकिस्तान में हो रही इस बातचीत की सफलता कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण है. जिसका असर अभी तक वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल-गैस की कीमत से लेकर कई अन्य पहलुओं पर देखा जा चुका है. पाकिस्तान की तथाकथित हाइब्रिड शासन व्यवस्था के प्रमुख ने घोषणा की कि यह कूटनीतिक वार्ता पाकिस्तान की धरती पर आयोजित की जाएगी.

इस्लामाबाद कई कारणों से अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए स्पष्ट रूप से उत्सुक है, चाहे वह ट्रंप की नजरों में अच्छा बने रहना हो, अपने अस्थिर पश्चिमी प्रांतों में तनाव के फैलाव से बचना हो या फिर ईरान के साथ सीधे टकराव को रोकना हो. हालांकि, जब दो अस्थिर देश आमने-सामने हों और दोनों के पास एक-दूसरे पर दबाव बनाने की क्षमता हो, तो किसी सफल समझौते की संभावना कम दिखाई देती है. ऐसे में अगर इस्लामाबाद पीस टॉक विफल होती है तो इसके नतीजे पाकिस्तान को ऐसे तरीकों से प्रभावित कर सकते हैं, जिनकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होगी.

वार्ता विफल होने पर पाकिस्तान के सामने खतरनाक स्थिति

अगर पाकिस्तान के लिए इस वार्ता के महत्व को समझें, तो पाकिस्तान भौगोलिक और कूटनीतिक दोनों नजरिए से एक नाजुक स्थिति में है. दक्षिण एशिया, मध्य एशिया और मध्य पूर्व के चौराहे पर स्थित होने के कारण ईरान से जुड़े किसी भी तनाव का उस पर सीधा असर पड़ता है. इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि इस्लामाबाद के सऊदी अरब के साथ घनिष्ठ रक्षा संबंध हैं, जो तेहरान का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी है.

दक्षिण एशियाई एक्सपर्ट अब्दुल बासित ने बीबीसी से कहा, ‘अगर वार्ता विफल होती है और पाकिस्तान अपने पड़ोसी ईरान के साथ संघर्ष में घसीटा जाता है, तो उसे एक संभावित भयावह स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. सऊदी अरब के साथ पारस्परिक रक्षा समझौते के कारण पाकिस्तान मध्य पूर्व के संघर्ष में शामिल हो सकता है.’

]
Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Pakistan Politics: PoK चुनाव में बड़ा विवाद! पाक मंत्री की पार्टी ने आतंकी संगठन से जुड़े दल से किया गठबंधन

शिप एमवी गोल्डेन पर मिसाइल हमले में चार भारतीयों की मौत से हड़कंप, जानिए क्या बोली सरकार

नेतन्याहू होंगे गिरफ्तार? न्यूयार्क के मेयर ममदानी के बयान पर आया ट्रंप का रिएक्शन, बोले – ‘इजरायल के PM को…’

भारत के सामने नेपाल का नर्म रुख, विवाद के बाद एक रुपये के सिक्के से हटाएगा विवादित नक्शा

Britain New PM: ब्रिटेन को मिला नया प्रधानमंत्री! जानें कौन है वह शख्स जिसे कीर स्टार्मर की विदाई के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी?

अमेरिका ने ईरान पर फिर किया घातक हमला, लगातार 10वीं रात बरसाया बारूद, कहा- ‘हॉर्मुज से 900…’

Leave a Comment