
ईरान और यूएस का युद्ध जब से शुरू हुआ था, तभी से देश में महंगाई ने पैर पसारना शुरू कर लिया था. बरसात का मौसम आते ही प्याज की कीमतों ने भी लोगों को रुलाना शुरू कर दिया था. लेकिन अब कहीं जाकर जनता को थोड़ी राहत मिलना शुरू हुई है. वो इसलिए क्योंकि केंद्र सरकार ने बाजार में प्याज की सप्लाई बढ़ाने का फैसला किया है.
सरकार अपने पास रखे प्याज के स्टॉक को बाजार में भेज रही है, ताकि कीमतों पर दबाव कम हो और लोगों को प्याज सही दाम पर मिल सके. सरकार ने प्याज को अलग-अलग शहरों तक पहुंचाने के लिए ट्रकों के साथ ‘कांदा एक्सप्रेस’ नाम की स्पेशल ट्रेनों का भी इस्तेमाल शुरू किया है.
‘कांदा एक्सप्रेस’ से भी पहुंचाई जा रही प्याज
सरकार ने अपने बफर स्टॉक से अब तक 2 लाख क्विंटल से ज्यादा प्याज बाजारों तक भेजा है. इसके लिए 8 ‘कांदा एक्सप्रेस’ ट्रेनें और 467 ट्रकों का इस्तेमाल किया गया है. इनसे प्याज 123 शहरों तक पहुंचाया गया है. त्यौहारों को देखते हुए सरकार आगे भी एक्स्ट्रा ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रही है, ताकि ज्यादा खपत वाले शहरों में प्याज की सप्लाई लगातार बनी रहे और लोगों को पर्याप्त मात्रा में प्याज मिलता रहे.
मंडियों में घटे प्याज के दाम
सरकार की इस स्ट्रैटेजी का असर प्याजी की कीमतों में भी देखने को मिल रहा है. प्याज की आवक बढ़ने से अब मंडियों में प्याज की कीमतें कम होती दिख रही हैं. महाराष्ट्र में प्याज का औसत मंडी भाव 16 सितंबर को करीब 4,030 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 3 अक्टूबर को घटकर करीब 3,475 रुपये प्रति क्विंटल रह गया. यानी इसमें लगभग 13% की गिरावट आई है.
इन शहरों में सस्ती हुई प्याज
प्याज के दाम सिर्फ मंडियों में ही नहीं, बल्कि खुदरा बाजार में भी कम हुए हैं. पिछले दो हफ्तों में देश के 126 शहरों में प्याज की कीमत 1 से 21 रुपये प्रति किलो तक कम हुई है. तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी प्याज के दाम घटे हैं. सरकार का कहना है कि अलग-अलग राज्यों में कीमतों में गिरावट से पता चलता है कि प्याज की सप्लाई पूरे देश में बेहतर हो रही है.
ऐसे बढ़ेगी प्याज की सप्लाई
सरकार के मुताबिक, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में प्याज की नई खरीफ फसल बाजार में आनी शुरू हो गई है. आने वाले कुछ हफ्तों में इन राज्यों से प्याज की आवक और बढ़ने की उम्मीद है. इसके अलावा सरकार के पास पहले से रखा प्याज का स्टॉक भी बाजार की जरूरत पूरी करने में मदद कर रहा है. इससे त्यौहारों के समय बाजार में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता रहने की उम्मीद है.
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