त्यौहारों के मौसम में चीनी की कमतों में लोगों को रुला दिया है. ये कीमतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. केवल भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चीनी की कीमतों में लगातार इजाफा ही हो रहा है. वैश्विक स्तर पर जहां चीनी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर हैं तो वहीं घरेलू बाजार में भी 19 महीने के अब तक सबसे ऊंचे स्तर पर दाम पहुंच चुके हैं. जिसके कारण आम जनता की जेब पर आने वाले समय में और भी ज्यादा बोझ बढ़ने वाला है.
चीनी कंपनियों के शेयरों में भी उछाल देखने को मिला है. पिछले साल की अपेक्षा चीनी की दाम इस साल 20% तक बढ़ गए हैं. चीनी के दामों में इतनी तेजी कम उत्पादन के कारण देखने को मिल रही है.
इन कंपनी के शेयरों में उछाल
कई भारतीय चीनी कंपनियों के शेयर में तगड़ उछाल देखने को मिल रहा है. जिसके कारण आने वाले समय में भी चीनी के दामों में तेजी देखने को मिल सकती है. कई शुगर कंपनियों के शेयरों में 4 से 9 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल रहा है. आइये बताते हैं किस कंपनी के शेयर में कितना उछाल आया है.
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कंपनी |
तेजी (प्रतिशत में) | मौजूदा भाव |
| बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड | 6.92% | 21.33 रुपये |
| श्री रेणुका शुगर लिमिटेड | 4.50% | 22.75 रुपये |
| अवध शुगर्स एंड एनर्जी | 3.59% | 873.90 रुपये |
| डालमिया भारत शुगर | 5.93% | 453.80 रुपये |
| धामपुर शुगर मिल्स | 6.82% | 188.85 रुपये |
| आंध्रा शुगर्स लिमिटेड | 2.98% | 94.60 रुपये |
| उत्तम शुगर मिल्स | 2.27% | 301.45 रुपये |
क्यों बढ़ रहे तेजी से दाम?
चीनी की कीमतों में इतना उछाल उत्पादन कम होने के कारण आया है. देश के प्रमुख राज्य जैसे आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जहां सबसे ज्यादा गन्ने का उत्पादन होता है, वहां इस बार उत्पादन में कमी आई है. इन राज्यों में इस साल चीनी की उत्पादन घटकर करीब 280 से 290 लाख टन रहा है. ये उत्पादन देश की खपत के बराबर ही है.
चीनी डायवर्जन पर लग सकता है बैन
इतना ही नहीं चीनी की ज्यादा खपत को रोकने के लिए सरकार प्लान बना रही है कि एथेनॉल के प्रोडक्शन के लिए चीनी के डायवर्जन को बैन किया जाए. जिससे कि चीनी की खपत थोड़ी कम हो और साथ ही साथ कीमतों के बढ़ने पर भी रोक लगाई जा सके.
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