रिजर्व बैंक ने तेजी से बदलते वित्तीय बाजारों और बुनियादी ढांचे को देखते हुए वित्तीय बाजारों के लिए एक तकनीकी परामर्श समिति गठित करने का भी फैसला किया है. यह समिति केंद्रीय बैंक, बाजार प्रतिभागियों और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े अन्य संबंधित पक्षों के बीच विचार-विमर्श के लिए एक मंच के रूप में काम करेगी. केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, ”तेजी से बदलते वित्तीय बाजारों और बुनियादी ढांचे को देखते हुए वित्तीय बाजारों के लिए एक तकनीकी परामर्श समिति गठित करने का फैसला किया गया है.”
उन्होंने विकासात्मक और नियामकीय नीतियों की जानकारी देते हुए कहा, ”समिति मुद्रा, सरकारी प्रतिभूतियों और विदेशी मुद्रा बाजारों के साथ-साथ इनसे जुड़े डेरिवेटिव (वायदा एवं विकल्प) बाजारों और बुनियादी ढांचे से संबंधित नीतिगत और परिचालन मामलों पर बाजार प्रतिभागियों तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ संरचनात्मक विचार-विमर्श के लिए एक मंच के रूप में काम करेगी” केंद्रीय बैंक ने कहा कि तकनीकी परामर्श समिति की संरचना और उसके कामकाज का दायरा अलग से अधिसूचित किया जाएगा.
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने यह भी कहा,”हम एक्सचेंज रेट में व्यवस्थित बदलाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो देश के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल्स के अनुरूप हों और साथ ही अत्यधिक उतार-चढ़ाव को भी रोकें. गवर्नर ने साफ तौर पर कहा कि आरबीआई डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत को पूरी तरह से कंट्रोल नहीं करता, बल्कि इसमें बदलाव बाजार के बुनियादी नियमों के हिसाब से किया जाता है.
LIVE: Post-Monetary Policy Press Conference by RBI Governor Sanjay Malhotra | Repo Rate #postmonetarypolicy #rbi #sanjaymalhotra #india #reporate #live https://t.co/ysx2Zd88dB
— ANI (@ANI) October 7, 2026
