अकबरपुर सादात में अमित उर्फ मिक्की का शव 13 अप्रैल 2025 की सुबह उसके बिस्तर पर पड़ा मिला था। अमित के शव के नीचे एक जिंदा सांप दबा हुआ था। अमित के शरीर पर सांप के डसने के 10 निशान थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अमित के भाई मोनू कश्यप ने रविता और अमरदीप के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो शुरुआत में दोनों ने गुमराह करने की कोशिश की थी लेकिन बाद में पुलिस ने दोनों के अपराध कबूल करने का दावा किया था।
26 जून 2025 को आरोप-पत्र किया था दाखिल
इस मामले में 26 जून 2025 को पुलिस ने अमरदीप और रविता के खिलाफ कोर्ट में आरोप-पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में मोनू कश्यप (वादी अमित का भाई ), मुनेश (अमित की मां), कृष्ण, सपेरे प्रीतमनाथ, उप-निरीक्षक पंकज गौतम (पंचायतनामा के गवाह), कांस्टेबल क्लर्क रामप्रवेश (एफआईआर दर्ज करने वाले), डॉ. कपिल गर्ग (अमित का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक), उप-निरीक्षक इंदु वर्मा (विवेचक), शुभम शर्मा (नोडल अधिकारी टेलीकॉम कंपनी) तथा लोकेश कुमार (नोडल अधिकारी टेलीकॉम कंपनी) आदि गवाहों के न्यायालय में बयान दर्ज कराए हैं।





